1 करोड़ का गबन करने वाला चपरासी निकला 'मिस्टर इंडिया', 4 टीमें ढूंढती रहीं और हाई कोर्ट से मिल गई जमानत!
बीसलपुर के जनता इंटर कॉलेज के चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबद्ध रहते हुए 1.01 करोड़ रुपये का गबन किया। उसने अ ...और पढ़ें

डीआईओएस कार्यालय में कार्य करता हुआ इल्हाम शमसी। स्रोत इंटरनेट मीडिया
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। बीसलपुर के जनता इंटर कालेज का चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में संबद्ध रहने के दौरान 1.01 करोड़ रुपये का गबन किया। सारी धनराशि अधिकारियों के डिजिटल सिग्नेचर से अपनी पत्नी के खाते में भेजता रहा। मामला पकड़ा गया तो आरोपित और उसकी पत्नी अर्शी के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की गई। आरोपित की पत्नी अर्शी तो गिरफ्तार हो गई, लेकिन इल्हाम को नहीं पकड़ा जा सका।
पुलिस की चार टीम उसको नहीं पकड़ पाईं और उसको हाई कोर्ट से जमानत मिल गई। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्यालय दफ्तर में संबद्ध रहकर न सिर्फ वेतन बिल बनाने का पटल देखा बल्कि सरकारी खजाने में सेंधमारी कर पत्नी अर्शी के खाते में 98 ट्रांजेक्शन करके 1.01 करोड़ रुपये एनईएफटी से ट्रांसफर करा दिए।
आरोपित ने के माध्यम से यह पूरा खेल किया। डीएम ने सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी से जांच कराई, जिसमें आरोप तय होने पर आरोपित इल्हाम व उसकी पत्नी अर्शी खातून पर प्राथमिकी पंजीकृत की गई। बैंक आफ बड़ौदा के रिकार्ड के अनुसार, उसने वर्ष छह जून 2024 में अपनी पत्नी अर्शी खातून का बचत खाता खुलवाया था।
इसके बाद अधिकारियों से अपनी पत्नी के बैंक खाते में धनराशि भेजने की स्वीकृति करा 12 जून 2024 को करा ली। आरोपित ने पहली बार 12 सितंबर को उस खाते में एक लाख रुपये ट्रेजरी से ट्रांसफर कराए थे, उसी दिन दूसरी बार भी एक लाख रुपये ट्रांसफर हुए। इसके बाद प्रत्येक महीने दो से छह बार तक ट्रेजरी से रकम आती रही।
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17 दिसंबर 2025 तक उसके खाते में 98 ट्रेजरी से रकम आई, जोकि 1.01 करोड़ रुपये थी। आरोपित ने 17 दिसंबर 2025 तक 36.41 लाख रुपये यूपीआइ के माध्यम से निकाल लिए, जिनको बाद में जमा कराया गया। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। इल्हाम की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका जनपद सत्र न्यायधीश रविंद्र कुमार के न्यायालय में 11 मार्च को सुनवाई की थी।
मामला गंभीर प्रवृति का पाते हुए अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी थी। इसके बाद आरोपित ने हाई कोर्ट की शरण ली। हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने इल्हाम उर रहमान शम्सी बनाम राज्य सरकार प्रकरण में सुनवाई की गई, जहां से उसकी अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकृत हो गई।
अब हैरान करने वाली बात यह है कि इल्हाम उर रहमान शम्सी को पकड़ने के कोतवाली की दो टीमों के साथ सर्विलांस व एक अन्य टीमों को लगाया गया था। पुलिस टीमों ने आरोपित को नहीं पकड़ा पाया।
न्यायालय के आदेश को देखने के बाद अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा आरोपित इल्हाम उर रहमान शम्सी की संपत्ति जब्तीकरण के साथ ही अन्य जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
- सुकीर्ति माधव, एसपी
आरोपित इल्हाम उर रहमान शम्सी के विरुद्ध जांच में तेजी लाने के निर्देश थे। शासन से गठित कमेटी भी अपनी जांच करेगी। आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम
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