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    ई-रिक्शा चालक के 4 बच्चों ने एक साथ बदली किस्मत, अभावों को मात देकर जीती नेशनल स्कॉलरशिप

    Updated: Fri, 19 Jun 2026 05:29 PM (IST)

    पीलीभीत के एक ई-रिक्शा चालक महेश के चार बच्चों संजय, साजन, शिवा और शिवानी ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा पास की है। इस सफलता स ...और पढ़ें

    ई रिक्शा चालक महेश का परिवार। स्रोत स्कूल

    ई रिक्शा चालक महेश का परिवार। स्रोत स्कूल

    HighLights

    1. माता पिता के सपनों को उड़ान दे रहे संजय, साजन, शिवा और शिवानी

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। कहते हैं कि अगर इरादों में मजबूती और हौसलों में उड़ान हो, तो गरीबी और अभाव कभी तरक्की की राह में रोड़ा नहीं बन सकते। ऐसे ही एक मिसाल बरहा गांव ई-रिक्शा चालक महेश के चार होनहार बच्चों ने अपनी प्रतिभा के दम पर मुफलिसी को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है।

    महेश शहर की तपती सड़कों पर ई-रिक्शा का हैंडल थामकर और अपनी किस्मत से जूझकर जैसे-तैसे परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन उनके संघर्षों को उस वक्त एक नया आसमां मिल गया, जब उनके चार बच्चों संजय, साजन, शिवा और शिवानी ने राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा पास की।

    अब इन चारों भाई-बहनों को कक्षा आठ से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिए प्रति वर्ष 12-12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिल रही है। इससे उनके आगे की शिक्षा की राह बेहद आसान हो गई।

    महेश और उनकी पत्नी मीरा देवी शुरुआत से ही आर्थिक तंगी और अभावों से परेशान रहे हैं, लेकिन खुद अनपढ़ होने के बावजूद उन्होंने कभी बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी और उनके भीतर आगे बढ़ने का जज्बा पैदा किया।

    इन होनहार छात्रों ने न सिर्फ इस मुख्य परीक्षा को उत्तीर्ण किया है, बल्कि वे स्कूल में आयोजित होने वाली शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भी हमेशा अव्वल आकर अपनी मेधा का लोहा मनवाते रहे हैं।

    बच्चों की इस सफलता में उनके माता-पिता के त्याग के साथ-साथ उनके गांव के कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाचार्या ममता गंगवार और शिक्षक संतोष खरे का भी योगदान रहा है।

    उन्होंने इन बच्चों का सही मार्गदर्शन किया और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार संबल प्रदान किया। महेश के ई-रिक्शा के पहियों ने भले ही उनकी जिंदगी में अब तक कई हिचकोले खाए हों, परंतु बच्चों की इस कामयाबी ने उनके आंसुओं को गर्व की मुस्कान में बदल दिया।

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