Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने में यूपी के हरजिंदर का रहा खास योगदान, 400 घंटे चले ऑपरेशन पर क्या बोले लिफ्टिंग फोरमैन

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Wed, 29 Nov 2023 01:58 PM (IST)

    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चले लंबे ऑपरेशन में जिले के लिफ्टिंग फोरमैन हरजिंदर सिंह औलख भी शामिल ...और पढ़ें

    सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने में यूपी के हरजिंदर का रहा खास योगदान
    सुरंग में फंसे श्रमिकों को बचाने में यूपी के हरजिंदर का रहा खास योगदान

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चले लंबे ऑपरेशन में जिले के लिफ्टिंग फोरमैन हरजिंदर सिंह औलख भी शामिल रहे हैं। अथक परिश्रम के बाद इस ऑपरेशन में मिली सफलता से वह काफी उत्साहित हैं।

    मूल रूप से कलीनगर तहसील के गांव रायपुर मुस्तकिल रामपुर संडई हाल्ट निवासी हरजिंदर सिंह औलख इलेंटिक कंपनी में लिफ्टिंग मैन पद पर कार्यरत हैं। बुधवार को जागरण से दूरभाष पर बातचीत करके हुए लिफ्टिंग फोरमैन ने बताया कि उनकी कंपनी इन दिनों उत्तराखंड में ही स्थित लखवार में डैम निर्माण कार्य करा रही है।

    400 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    वहां से उन्हें भी सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के अभियान में लगाया गया था। वह अपने आपरेटर को साथ क्रेनें लेकर वहां पहुंचे थे। सुरंग में पाइप पुशिंग कराने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। यह रेस्क्यू आपरेशन लगभग 400 घंटे तक चला। इस दौरान रोजाना प्रात: चार बजे कमरे पर आराम करने जाते थे और फिर सुबह सात बजे फिर मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू आपरेशन में शामिल हो जाते।

    हरजिंदर को इस बात की खुशी है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। हरजिंदर के अनुसार वह इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले भी शामिल होते रहे हैं। कंपनी की ओर से वह दुबई, बहरीन, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों में जाकर काम कर चुके हैं।

    खबरें और भी

    इसे भी पढ़ें: हाईवे पर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, एक की मौत, एटा से घर लौट रहे थे कार सवार