कचरी में सिंथेटिक रंग मिलाने वाला दोषी करार, पीलीभीत कोर्ट ने सुनाई 6 माह की सजा
पीलीभीत में कचरी में घातक कृत्रिम रंग मिलाने के दोषी राजेश को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने छह माह साधारण कारावास और डेढ़ लाख रुपये अर्थदंड की सजा स ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, पीलीभीत। कचरी में घातक कृत्रिम रंग का प्रयोग करने वाले आरोपित को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने दोषी पाकर छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख 50 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा करने पर दोषी को डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक अभियोजन अधिकारी राकेश वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष बाबू यादव ने न्यायालय ने परिवाद दायर किया कि 17 मार्च 2019 को दोपहर 12:30 बजे टीम के अधिकारी के साथ थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम गायबोझ स्थित कचरी निर्माण इकाई का खाद्य सुरक्षा विभाग ने निरीक्षण किया।
मौके पर कारोबार संचालित करने वाले व्यक्ति ने अपना राजेश बताया। निरीक्षण के दौरान रंगीन कचरी मानव उपभोग एवं सार्वजनिक बिक्री के लिए रखी हुई पाई गई। मौके पर करीब रंगीन कचरी मौजूद थी। संदेह के आधार पर कचरी का नमूना भरा गया।
इसे नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कचरी में नान परमिटेबल सिंथेटिक कलर रोड़ामाइन बी का प्रयोग होना पाया गया। इससे कचरी मानव उपभोग के लिए हानिकारक बताई गई।
न्यायालय ने सुनवाई कर पत्रावली का अवलोकन करने के बाद राजेश काे आरोपित पाते हुए तलब किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय में सहायक अभियोजन अधिकारी दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद राजेश को दोषी पाते हुए छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को एक लाख पचास हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया।