Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पत्नी के मायके जाने से बौखलाया दामाद, उपलों के ढेर में जला दी सास; राख में मिलीं चूड़ियां और हड्डियां

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 08:59 PM (IST)

    पीलीभीत में पत्नी के बार-बार मायके जाने से नाराज दामाद महेंद्रपाल ने अपनी सास मोहनदेई की हत्या कर दी। उसने शव को उपलों के ढेर में जला दिया, जिसकी राख ...और पढ़ें

    घटनास्थल का मुआयना करती पुलिस और मृतका मोहनदेई का फाइल फोटो

    घटनास्थल का मुआयना करती पुलिस और मृतका मोहनदेई का फाइल फोटो

    HighLights

    1. बेटी को मायके बुलाकर सुख-दुख साझा करती थीं, नाराज था दामाद

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पत्नी बीना के बार-बार मायके जाने से बौखलाए महेंद्रपाल ने बुजुर्ग सास मोहनदेई की हत्या कर दी। निर्दयी दामाद उनकी लालसा को समझ नहीं सका, जो बिटिया से अपना सुख-दुख साझा कर लेती थीं। घर का सूनापन छांटने के लिए उन्हें कुछ समय अपने पास बुला लेती थीं। बुढ़ापे में उनका सहारा बनने के बजाय दामाद लड़ाई करने लगा था।

    इस बीच मौका मिलते ही उनकी हत्या कर शव उपलों के बीच जला दिया। शुक्रवार को राख के ढेर से उनकी चूड़ियां व हड्डियां मिलने के बाद आरोपित महेंद्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपित से पूछताछ शुरू कर दी है।

    जिठनिया गांव निवासी 65 वर्षीय मोहनदेई कब्रिस्तान के पास मकान में अकेली रहती थीं। उनके बेटे सुरेश कुमार गांव के अंदर दूसरे मकान में रहते हैं। मां मोहनदेई अक्सर विवाहित बेटी बीना को अपने पास बुला लेती थीं। उनके बार-बार मायके जाने पर पति महेंद्रपाल आपत्ति जताता था।

    यह कहासुनी धीरे-धीरे पारिवारिक कलह में बदल गई थी। महेंद्र ने सास मोहनदेई के पास जाकर भी नाराजगी जताई थी, मगर उन्होंने बीना का पक्ष लेते हुए कहा कि बेवजह कलह न करें। सुरेश कुमार के अनुसार, इसी बात पर बहनोई महेंद्रपाल कई बार मोहनदेई से लड़ाई-झगड़ा करके गया था।

    खबरें और भी

    वह नहीं चाहता था कि बीना मायके आएं। 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल अपने गांव हरहरपुर से मोहनदेई के पास पहुंचा। रात में वहां रुका, सुबह बिना सूचना चला गया। दोपहर तक मां मोहनदेई पर ध्यान नहीं गया। शाम तक वह घर में नहीं दिखीं तो तलाश शुरू की।

    उस समय महेंद्रपाल पर शक नहीं था। सोचा कि कहीं रिश्तेदारी में चली गई होंगी। सुरेश बोले, शुक्रवार सुबह मां के मकान में जले उपलों का ढेर देखकर शक हुआ। वहां से राख हटाई तो उसमें हड्डियां व मां की चूड़ियां मिलीं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि 31 जुलाई की रात को महेंद्रपाल ने उनकी हत्या कर शव उपलों के ढेर के बीच रखकर आग लगा दी। उस दिन के बाद उसने किसी तरह संपर्क भी नहीं किया।

    सीओ सदर नताशा गोयल ने बताया कि सुरेश की शिकायत पर गांव पहुंची टीम ने राख से मिले अवशेष बरामद किए हैं। उनका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा, इसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष मोहनदेई के हैं या नहीं। आरंभिक रूप से सुरेश की तहरीर के आधार पर महेंद्रपाल के विरुद्ध हत्या, साक्ष्य मिटाने की धारा में प्राथमिकी पंजीकृत करा दी गई है। वह फरार है। घटनाक्रम से आहत बीना भी मायके पहुंचीं।

    यह भी पढ़ें- पीलीभीत के जंगलों में मुस्तैद होंगे अग्निवीर, उत्तराखंड के फैसले के बाद जगी स्पेशल फोर्स के गठन की उम्मीद