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    साइबर ठगी के पैसों का लेनदेन पड़ा भारी, पीलीभीत में HDFC और बंधन बैंक के खाताधारकों पर मुकदमा

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 05:48 PM (IST)

    पीलीभीत में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में बंधन और एचडीएफसी बैंक के दो खाताधारकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में पता चला कि ये खाते राष्ट् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    HighLights

    1. बिहार के बगाहा में हुई धोखाधड़ी से जुड़ा है पूरा मामला

    2. आरोपितों ने चेक और एटीएम के माध्यम से निकाले संदिग्ध रुपये

    जागरण संवाददाता, पीलीभीत। साइबर ठगी के पैसे के लेनदेन में इस्तेमाल होने के शक में सुनगढ़ी कोतवाली पुलिस ने शहर के दो बैंक खाता धारकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल एनसीआरपी पर पहले से चिह्नित है और इसके जरिए दूसरे राज्य में हुई ठगी की रकम का लेनदेन किया गया है।

    कोतवाली में तैनात उप निरीक्षक विष्णु सिंह सोलंकी ने बताया कि शहर के छतरी चौराहा स्थित बंधन बैंक में मुहल्ला वासिल खां निवासी सैयद जिया उल हसन के नाम से खाता संचालित है। खाते की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बिहार के बगाहा में एक व्यक्ति के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी की रकम इसी खाते में ट्रांसफर की गई थी।

    आरोप है कि खाते में करीब तीन लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि जमा हुई और उसे बाद में चेक के माध्यम से निकाल लिया गया। रकम निकलवाने में खाताधारक की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई।

    वहीं शहर के रामा गार्डन स्टेशन रोड गैस चौराहा स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से शहर के कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला चरक का कुआं निवासी राजीव ने 49 हजार धनराशि को अपने खाते में दो बार 34 हजार और 15 हजार रुपए 22 जनवरी को प्राप्त की। उन्होंने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल की गई।

    पोर्टल पर बगाहा निवासी एक पीड़ित ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसके साथ आनलाइन धोखाधड़ी कर रकम निकाली गई और वह रकम अलग-अलग खातों में भेजी गई। जांच में एक कड़ी पीलीभीत के इस खाते से जुड़ी मिली। इसके बाद सुनगढ़ी कोतवाली में संबंधित धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया।

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    उप निरीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि खाताधारक को इस बात की जानकारी थी कि उसके खाते में आने वाली रकम संदिग्ध स्रोत से है, इसके बावजूद उसने उसे निकालने का काम किया।

    पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपितों ने यह खाते किसके कहने पर खुलवाया और रकम निकालने के बाद उसे आगे कहां पहुंचाया गया। बैंक से खाते का पूरा लेनदेन, केवाईसी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

     

    मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। खाताधारक से पूछताछ के साथ ही अन्य संदिग्धों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। कहना है कि साइबर ठगी में मनी म्यूल बनकर काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    - नरेश त्यागी, एसएचओ, सुनगढ़ी कोतवाली


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