पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट! उत्तराखंड की घटना के बाद नेपाल बॉर्डर से लग्गा-भग्गा तक बढ़ी चौकसी
उत्तराखंड में बाघ शावकों की हत्या के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। बाघों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी करते पर्यटक। जागरण
HighLights
पुराने अपराधियों से पूछताछ करेंगे वन विभाग के कर्मचारी
जंगल के जरूरी प्वाइंट पर सौ से अधिक आइआर कैमरे लगेंगे
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल में बाघों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। यही वजह है कि टाइगर रिजर्व की स्थापना के 12 वर्ष में ही बाघों की संख्या तीन गुणा से ज्यादा हो चुकी है। वर्ष 2014 में बाघों की संख्या 25 थी, जो अब बढ़कर 79 पहुंच चुकी है। जंगल में बाघों के बढ़ने के साथ ही बाघों के संरक्षण की चुनौतियां और खतरा भी बढ़ जाता है। पीटीआर में नेपाल बार्डर से लेकर लग्गा भग्गा के जंगल तक, इसके अलावा अन्य कई रेंजों में हाई अलर्ट किया गया। जंगल के कई हिस्सों में इंफ्रा रेड (आइआर) कैमरे लगाए गए।
उत्तराखंड में हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में बाघिन के दो शावकों को जहर देकर मारने के बाद उनके पंजे भी काट लिए गए। इसके बाद से हाई अलर्ट जारी किया गया। इससे लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व में भी सतर्कता बढ़ गई। दो शावकों की हत्या किए जाने के मामले में वन गुर्जरों को गिरफ्तार किया गया।
बताया जाता है कि वन गुर्जर अक्सर जंगलों में शिकार करते हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पास वन गुर्जर रहते हैं, जो शिकार करते हैं। इसके बाद से टाइगर रिजर्व में अलर्ट घोषित कर दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जंगल में 122 जलाशय हैं, जिसमें 10 नहरें हैं। जलाशयों में करीब सौ से अधिक कैमरे लगाने की तैयारी चल रही है।
इसके अलावा कुछ प्वाइंट पर पहले से कैमरे लगे हैं। पुलिस की मदद से पुराने अपराधियों से पूछताछ करने के साथ ही उनके बारे में अपडेट रखेंगे, जिससे उनके मूवमेंट का पता रहे। जंगल में साइकिल और बाइक से पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाएगा। जंगल में जाने वाले कर्मचारियों को विशेष तौर पर किशनपुर रेंज, खुटार रेंज, हरीपुर, चंदिया हजारा से लेकर लग्गा भग्गा तक और नेपाल बार्डर पर अति सतर्कता रखने के निर्देश दिए गए।
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जंगल में आने-जाने वाले आगंतुकों पर विशेष नजर रहेगी। अगर कोई संदिग्ध नजर आया तो तुरंत पूछताछ की जाएगी। जलाशयों के आसपास विशेष ध्यान दिया जाएगा, वहां पर बाहरी किसी व्यक्ति का मूवमेंट होने पर तुरंत निगरानी बढ़ा दी जाएगी।
केंद्र सरकार के निर्देश पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में निगरानी बढ़ाई गई। पीटीआर नेपाल बार्डर, उत्तराखंड की सीमा से सटा हुआ है, जबकि दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव भी आवागमन करते हैं। जंगल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, जिसमें बाघों की सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है।
- पीपी सिंह, फील्ड डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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