बाघ और भालू की भिड़ंत से लेकर मगरमच्छ का टशन: PTR में इस बार पर्यटकों ने देखे हैरान करने वाले नजारे, देखें तस्वीरें
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शीतकालीन सत्र में 28 हजार से अधिक पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया, जहां उन्हें बाघ, भालू, तेंदुआ और अन्य वन्यजीवों के रोमांचक ...और पढ़ें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में शावकों के साथ टहलती बाघिन। सौजन्य से इंटरनेट मीडिया
HighLights
01 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन सत्र हो गया शुरू
पीयूष दुबे, पीलीभीत। जंगल घूमने का आनंद तब बढ़ जाता है, जब बाघ, बाघिन, तेंदुआ, भालू या अन्य वन्यजीवों के दीदार हो जाएं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। बाघों के नजर आने की अधिक संभावना होने की वजह से यहां पर पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अगर नवंबर से 31 मार्च तक चलने वाले शीतकाली सत्र में तो करीब 28 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने जंगल की सैर की। मजे की बात यह है कि इस बार वन्यजीवों के दिखने के साथ ही उनको शिकार करने तो कई बार शिकार से डरने के नजारे भी देखने को मिले।
बाघ और भालू के आमने-सामने होने पर खास रोमांच नजर आ रहा था। इसके अलावा कोबरा के अलग अंदाज को देखकर बाघ के लौटने के वीडियो को भी लोगों ने खूब साझा किया। इसी तरह बाघ के शिकार करने के दृश्य भी पर्यटकों को देखने को मिले। शीतकालीन सत्र की कुछ झलकियों के साथ पेश है ये रिपोर्ट...
कोबरा के अलग अंदाज को देखकर लौट गया था बाघ
पीलीभीत के जंगल में बाघ को देखकर अधिकांश वन्यजीव वहां से भागने में ही भलाई समझते हैं, लेकिन कोबरा के सामने बाघ ने भी वहां से जाने में भलाई समझी। बाघ के सामने फन फैलाए खड़े कोबरा ने दो बार हमला करने की कोशिश की। कुछ देर तक बाघ निहारता रहा और फिर वहां से चला गया।
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बाघ के शिकार करने के दृश्य भी देखने को मिले
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने का सबसे बड़ा सुबूत यह है कि यहां पर बड़ी संख्या में शावक बाघिनों के साथ नजर आ रहे हैं। चार से छह बाघिनों के साथ एक से लेकर तीन शावक तक पर्यटकों को खूब नजर आए। इन नजारों को पर्यटकों ने अपने कैमरों में शामिल कर लिया।
मगरमच्छ को डराता नजर आया बाघ
नहर में तैर रहे मगरमच्छ को बाघ ने डराने की कोशिश की। बाघ नहर के किनारे खड़ा होकर मगरमच्छ को डराने के प्रायास में रहा। बाघ से काफी दूरी पर पानी में तैर रहा मगरमच्छ अपने ही अंदाज में तैरता रहा। हालांकि, कुछ देर बाद बाघ वहां से चला गया।
बाघ और भालू के आमने-सामने होने पर दिखा था खास रोमांच
भालू और बाघिन के साथ चल रहे शावकों का आमना सामना हो गया। शावक को देखकर पहले तो भालू ने उसको दौड़ा दिया, लेकिन बाद में बाघिन और एक अन्य शावक के आने पर उसने जंगल में छिपना ही बेहतर समझा। इस दृश्य को देखने के लिए पर्यटक काफी देर तक इंतजार करते रहे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्यजीव अच्छी संख्या में पर्यटकों को नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है। यहां पर बाघ गणना का काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी उनकी संख्या नहीं मिली है।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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