Pilibhit Tiger Reserve: 10 शावकों के दीदार और कमाई के टूटे रिकॉर्ड के साथ बंद हुआ पीटीआर, सैलानियों ने की जमकर सैर
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र रिकॉर्ड तोड़ कमाई और पर्यटकों की आमद के साथ समाप्त हुआ, जहाँ 56,783 सैलानियों ने 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का राजस् ...और पढ़ें

शावकों के साथ पानी पीती स्रोत: इंटरनेट मीडिया
HighLights
पिछले सत्र की तुलना में विदेशी सैलानियों की संख्या में गिरावट
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। मानसून की पहली बरसात के साथ पीटीआर का पर्यटन सत्र मंगलवार को विधिवत रूप से संपन्न हो गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक के आदेशानुसार पीटीआर को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। बीते वर्ष एक नवंबर को शुरू हुए इस पर्यटन सत्र ने पर्यटकों की आमद और राजस्व के मामले में पिछले पर्यटन का रिकार्ड तोड़ दिया है।
56,783 पर्यटकों ने की पीटीआर की सैर
प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि इस पर्यटन सत्र में कुल 56,783 पर्यटकों ने पीटीआर की सैर की है, जिससे वन विभाग को 1.62 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। यदि पिछले पर्यटन सत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल 56,289 पर्यटकों की आमद यहां दर्ज की गई थी। जिससे विभाग को 1.60 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई थी।
216 विदेशी पर्यटक पहुंचे
ऐसे में इस पर्यटन सत्र कुल पर्यटकों और राजस्व दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, इस साल पीटीआर पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों का आंकड़ा 216 पर सिमट गया। जबकि पिछले वर्ष 452 विदेशी पर्यटकों ने पीटीआर की सैर की थी। हालांकि, भारतीय पर्यटकों की संख्या पिछले सत्र 55,837 थी। जो कि इस बार बढ़कर 56,567 तक पहुंच गई है।
दिव्य दर्शन कार्यक्रम हुए आयोजित
इस पर्यटन सत्र पीटीआर में दिव्य दर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस पहल के तहत दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को पीटीआर मुख्यालय से हरी झंडी दिखाकर सफारी गाड़ियों के जरिए चूका ईको पर्यटन स्थल का भ्रमण कराया गया।
खबरें और भी
माननीयों भी किया पीटीआर का भ्रमण
इसके अलावा पर्यटन सत्र के दौरान राजनेताओं, अभिनेताओं, अधिकारियों समेत माननीय उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने भी पीटीआर का भ्रमण किया। उन्हें भी जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों के मनमोहक दीदार हुए। इस पर्यटन सत्र पर्यटकों की सुविधा के लिए कई इंतजाम किए गए थे।
खूब भाया चूका पर्यटन स्थल पर बना वाटर हट
इस वर्ष बराही वन विश्राम भवन से सफारी गाड़ियों का संचालन कर पीटीआर में नए जोन की शुरुआत की गई। पर्यटकों को शारदा सागर डैम में मोटर बोट सफारी और चूका पर्यटन स्थल पर बना वाटर हट खूब भाया। रात्रि विश्राम के लिए चूका में चार थारू हट, एक बैम्बू हट और एक ट्री हट उपलब्ध रही। जबकि बराही रेंज के सप्त सरोवर पर पर्यटकों के लिए दो वूडेन हट, दो ग्रीन हट और दो टेंट हट की सुविधा दी गई।
110 टूरिस्ट गाइड और चार वाॅच टावर रहे उपलब्ध
जंगल सफारी के लिए 110 टूरिस्ट गाइड और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए चार वॉच टावर पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहे। इसके साथ ही चूका में मुस्तफाबाद ईको विकास समिति, महोफ सिग्नेचर गेट पर चौड़ाखेड़ा समिति और सप्त सरोवर पर सेल्हा ईको विकास समिति द्वारा कैंटीन का सफल संचालन किया गया।
शावकों के नाम दर्ज हुआ पर्यटन सत्र, जमकर हुए दीदार
पीटीआर में मंगलवार को समाप्त हुआ पर्यटन सत्र सैलानियों के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। पर्यटकों की सुविधा और बेहतर वन प्रबंधन के लिहाज से पीटीआर की सफारी को मुख्य रूप से जोन एक और जोन दो में बांटा गया है। इस बार के सफारी सीजन में इन दोनों ही जोन में वाइल्डलाइफ प्रेमियों पर प्रकृति जमकर मेहरबान रही और उन्हें अद्भुत नजारे देखने को मिले।
पूरे पर्यटन सत्र के दौरान दोनों जोन में कुल चार अलग-अलग बाघिनों को उनके 10 नन्हे शावकों के साथ जंगल में विचरण करते देखा गया। इन शावकों के दीदार की चाह में देशभर से प्रकृति प्रेमी पीटीआर की ओर खिंचे चले आए। पूरे पर्यटन सत्र के दौरान जंगल के प्राकृतिक माहौल में इन शावकों की अठखेलियां पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रहीं।
सफारी के दौरान कभी किसी शावक को पेड़ पर चढ़ने का मासूम प्रयास करते देखा गया। तो कभी वे एक-दूसरे के साथ लड़ते और उछलकूद करते नजर आए।
आम पर्यटकों और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों के लिए अपनी आंखों के सामने ऐसे दुर्लभ दृश्य देखना किसी रोमांच से कम नहीं था। मानसून के मद्देनजर मंगलवार को पर्यटन सत्र का विधिवत समापन हो गया है और सफारी बंद कर दी गई है।सैलानी अब इन सुनहरी यादों के साथ अगले सफारी सत्र का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पीटीआर का पर्यटन सत्र विधिवत रूप से समाप्त हो गया है। साइटिंग के लिहाज से यह पर्यटन सत्र काफी शानदार रहा है। बाघिनों के साथ शावकों का दिखना इस सत्र का प्रमुख आकर्षण रहा। उम्मीद है कि आगामी सत्र में पर्यटन के लिहाज से और अधिक बेहतर साबित होगा।
- मनीष सिंह, डीएफओ, पीटीआर
यह भी पढ़ें- पीलीभीत: 'एक घटना पर खून खौला, दूसरी पर ठंडा...' बच्चियों से दुष्कर्म मामले पर बोले पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा