यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pilibhit Weather: तराई में सात-आठ मार्च को फिर उमड़ेंगे बादल, एक बार फिर लौट सकती है ठंड
पीलीभीत में तीसरे दिन बादल छंटने के बाद आसमान पूरी तरह से साफ हो गया। इससे सुबह से ही धूप में तेजी दिखने लगी। मौसम विभाग की ओर से अब सात व आठ मार्च को ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। तराई के जिले में तीसरे दिन बादल छंटने के बाद आसमान पूरी तरह से साफ हो गया। इससे सुबह से ही धूप में तेजी दिखने लगी। मौसम विभाग की ओर से अब सात व आठ मार्च को फिर आसमान में बादल उमड़ने का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
आपको बता दें कि पिछले दो दिन से तराई के जिले में आसमान में बादल उमड़ते रहे। साथ ही रुक रुककर बूंदाबांदी का सिलसिला भी चलता रहा। इस दौरान 20 से 25 किमी तक प्रति घंटा की गति से हवा चलने के कारण कलीनगर, अमरिया और बिलसंडा में कहीं कहीं गेहूं की फसल खेतों में गिर गई।
फसल में आ चुकी हैं बालियां
फसल में बालियां आ चुकी हैं लेकिन दाने अभी पके नहीं हैं। ऐसे में जिन किसानों की फसल खेतों में गिर गई, उन्हें नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत किस्त जमा कर रखी है, उन्हें 72 घंटे के भीतर क्षतिपूर्ति के दावे संबंधी प्रपत्र अपने विकास खंड कार्यालय में संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के पास जमा कर देने चाहिए।
सात मार्च से बादलों की होगी आवाजाही
राजकीय कृृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र सिंह ढाका ने पंतनगर स्थित कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के हवाले से जानकारी दी कि तराई के जिले में शनिवार की रात न्यूनतम तापमान 12.6 एवं रविवार को दिन में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। डॉ. ढाका के अनुसार, अब सात और आठ मार्च को फिर बादल उमड़ने की संभावना है।
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किसानों को दर्द दे गया मौसम का बदला मिजाज
पीलीभीत: तराई के जिले में मौसम का बदला मिजाज किसानों को दर्द दे गया। दो दिन तक रुक रुककर बूंदाबांदी के साथ चली तेज हवा के कारण कलीनगर, अमरिया व बिलसंडा में कई जगह खेतों में गेहूं की फसल गिर गई। इससे किसानों काे नुकसान होने की आशंका है। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत किस्त जमा कर दी, वे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर काल करके हानि की जानकारी दे सकते हैं।
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बिलसंडा में बूंदाबांदी के बीच तेज हवा चलने से किसानों के खेतों में तैयार हो रही गेहूं की फसल गिर गई। इससे नुकसान होने की आशंका है। पीड़ित किसानों का कहना है कि अगर बरसात हो गई तो यह फसल सड़ जाएगी। जिससे उन्हें भारी नुकसान हो सकता है।
वहीं अमरिया क्षेत्र में विगत गुरुवार रात्रि बूंदाबांदी के साथ तेज हवाओं के चलने से गेहूं की फसल काफी प्रभावित हुई है। धीरे धीरे गेहूं की फसल तैयार हो रही है तेज़ हवा के कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है। जिससे फसल को क्षति होने का अनुमान है। फसल गिरने से उत्पादन में कमी हो सकती है दो दिन से मौसम ने अचानक करवट बदली है गुरुवार से शुक्रवार शाम से रात्रि तक बादल छाए रहे, रुक रुक कर बूंदाबांदी होती रही।