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खतरे के बीच नई पीढ़ी का उदय: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 10 शावकों का सुरक्षित होना शुभ संकेत

Published: Wed, 19 Nov 2025 07:34 PM (IST)

क्या नर बाघ शावकों को मार देते हैं? प्रजनन काल में खतरा बढ़ जाता है। लेकिन पीटीआर में 4 बाघिनों ...और पढ़ें

पीटीआर में बाघ के शावक

पीटीआर में बाघ के शावक

HighLights

  1. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 79 हो गई है

  2. 10 नए शावकों जन्म से पीटीआर बाघों के प्राकृतिक आवास के रूप में मजबूत हुआ

  3. पीटीआर में बाघों का शानदार संरक्षण: 15 नर और 56 मादा बाघ मौजूद हैं

पीयूष दुबे, जागरण, पीलीभीत। नर बाघ अपने समूह की मादा से मिलन करने के लिए शावकों को मार डालता है, जबकि दूसरा बाघ अगर टेरेटरी में आता है तो अनिवार्य तौर पर वहां के शावकों को मार ही डालता है। ऐसी स्थिति में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चार बाघिन के साथ 10 शावकों का नजर आना शुभ संकेत है।

बाघ... जंगल का ऐसा जीव, जिसके शिकार का अंदाज, उसकी ताकत और फुर्ती का कांबिनेशन शक्तिशाली बनाता है, जो मार्किंग करके अपने क्षेत्र का निर्धारण करता है। मार्किंग करने के बाद वह इलाका बाघ की टेरेटरी में शामिल हो जाता है, जिसमें प्रवेश करने का अर्थ होता है कि वहां के बाघ को चुनौती देना, क्योंकि उस क्षेत्र में बाघ के साथ ही चार से पांच बाघिन भी रहती हैं और उन बाघिन के साथ बच्चों का समूह होता है।

बाघिन के बच्चों को यूं तो अपने अपने पिता नर बाघ से भी खतरा रहता है, लेकिन कई बार वह बाघ अपने बच्चों का शिकार नहीं करता है। अक्सर बाघ अपने बच्चों को तब मार देता है, जब उसके (मेटिंग) मिलन का समय होता है, क्योंकि मादा बाघ अपने बच्चों की वजह से मेटिंग नहीं करती है। दिसंबर से माच्र तक का समय बाघों का प्रजनन काल का होता है। इसी समय जब बाघिन मेटिंग से इन्कार करती है तो बाघ से उसकी लड़ाई हो जाती है। इससे गुस्साकर बाघ शावकों को मार डालता है।

इसके अलावा दूसरे बाघ जब आते हैं तो वे शावकों को मार देते हैं। बाघों के अलावा अन्य बिग कैट यानी शेर, तेंदुआ भी ऐसा ही करते हैं। ऐसी स्थिति में पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में चार अलग-अलग क्षेत्रों में चार बाघिनों के साथ 10 शावकों को देखा जा रहा है। इसमें दो बाघिन के साथ दो-दो शावक हैं, जबकि बाकी दो बाघिन के साथ तीन-तीन शावक हैं।

वन विभाग के अधिकारी इसको अच्छा संकेत मान रहे हैं। इन शावकों की आयु तीन माह से आठ माह तक की है। करीब एक वर्ष के बाद यह शावक जवान होने के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में अपना ठिकाना बनाना शुरू कर देंगे। वन विभाग के विशेषज्ञ बताते हैं कि नर बाघ 18 से 20 माह का होने पर अपनी मां को छोड़कर अलग हो जाता है, जबकि मादा बाघ 20 से 24 माह की होने पर अपनी मां को छोड़कर अलग हो जाती है।

यहां पर बाघों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी है, जिसका क्रम पीटीआर में अब भी जारी है। पीटीआर बाघों के लिए प्राकृतिक आवास बन चुका है। बाघों की संख्या 79 पहुंचने के साथ ही यहां पर 15 नर बाघ और 56 मादा बाघ हैं, जबकि आठ बाघों के बारे स्पष्ट नहीं हो सका है।

 

पीलीभीत टागर रिजर्व के अलग-अलग हिस्सों में चार बाघिनों के साथ 10 शावक तो अक्सर देखे जा रहे हैं। इसके अलावा अन्य बाघिनों के साथ शावक होने की उम्मीद है, जो कि एक शुभ संकेत है। पीटीआर प्रशासन से बाघों के प्राकृतिक आवास व उनके शिकार संंबंधी जीव प्रबंधन का समुचित ध्यान रखा जा रहा है।

- मनीष सिंह, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व

 

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