प्रतापगढ़ में गंगा एक्सप्रेसवे को 'ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे' बनाने की तैयारी, 43 KM तक लगाए जाएंगे 48000 पौधे
प्रतापगढ़ में गंगा एक्सप्रेसवे के 43 किलोमीटर हिस्से को हरा-भरा बनाने की तैयारी है। वन विभाग जुलाई के पहले सप्ताह ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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संवाद सूत्र, प्रतापगढ़। गंगा एक्सप्रेसवे पर हरियाली की चादर तनेगी। दोनों छोर पर पौधों का रोपण होगा। इसे ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। जनपद से गुजरे एक्सप्रेसवे पर वन विभाग द्वारा 48 हजार पौधों का रोपण होगा। इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है। इससे हरियाली को धार मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक कुल 12 जनपद से होकर गुजरता है। इसका दायरा 594 किलोमीटर है, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव , रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में।
एक्सप्रेसवे के दोनों छोर हराभरा बनाने की तैयारी
जनपद से 43 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे गुजरा है। गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों को विकसित करने की तैयारी है। इसी कड़ी में इसके दोनों छोर को भी हराभरा बनाने की तैयारी है। नीम बरगद, पकड़, पीपल आदि के पौधे लगाकर इसे हरियाली से समृद्ध किया जाएगा। इसे ग्रीन गंगा एक्सप्रेसवे का नाम दिया जाएगा।
जनपद में भी वन विभाग की ओर से इसकी कवायद शुरू हो गई है। हरियाली महाअभियान के तहत दोनों छोर पर पौधारोपण की तैयारी है। वन विभाग की टीम ने सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। जनपद सीमा पर आने वाले 48,000 पौधे लगाए जाएंगे।
शासन के निर्देश पर वन विभाग की टीम इसकी रूपरेखा तैयार कर रही है। डीएफओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में महाभियान की शुरुआत होने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे पर भी पौधारोपण की रूपरेखा तैयार की गई है।
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