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    प्रतापगढ़ जिला जेल में बंदी आत्महत्या मामला : भाई ने कंधई पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप; कहा- रुपये न देने पर घटना कराई गई

    By rajan shukla Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 11 Apr 2026 01:53 PM (IST)

    प्रतापगढ़ जिला जेल में बंदी दीपक की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जलने से मौत की पुष्टि हुई है, वहीं मृतक के भाई रोह ...और पढ़ें

    प्रतापगढ़ के पोस्टमार्टम हाउस में जेल में आत्महत्या करने वाले बंदी के परिवार के सदस्य। जागरण

    प्रतापगढ़ के पोस्टमार्टम हाउस में जेल में आत्महत्या करने वाले बंदी के परिवार के सदस्य। जागरण 

    HighLights

    1. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बंदी की जलने से मौत की पुष्टि

    2. उन्नाव निवासी दीपक ने जेल में आग लगाकर दी थी जान

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। जिला जेल में शुक्रवार को आग लगाकर जान देने वाले उन्नाव के बंदी दीपक उर्फ राहुल की मौत जलने के कारण होने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। इधर दीपक के भाई रोहित कुमार ने इसे आत्महत्या मानने से इन्कार किया है। शुक्रवार देर रात पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रोहित ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है।

    कंधई के दारोगा व चौकी इंचार्ज पर आरोप लगाया 

    रोहित कुमार ने आरोप लगाया कि कंधई पुलिस के जिस दारोगा व चौकी इंचार्ज ने उसकी गिरफ्तारी की थी, उन लोगों ने मुकदमे में राहत दिलाने के नाम पर पैसे की मांग की थी। पूरा पैसा नहीं दे पाने पर यह घटना कराई गई। 14 अप्रैल को अगली सुनवाई की तारीख मिली थी।

    उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र निवासी था बंदी 

    जान गंवाने वाला 22 वर्षीय बंदी दीपक उन्नाव जिले के माखी थाने के पूर्वा मिर्जापुर रसूलाबाद गांव का था। उसके भाई रोहित के अनुसार अभी तक इस पूरे मामले की शिकायत डर के कारण कहीं नहीं की गई थी, लेकिन अब की जाएगी।

    रात में कराया गया पोस्टमार्टम 

    इधर बंदी के शव का पोस्टमार्टम जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार रात में ही करा दिया गया। पैनल से हुए पोस्टमार्टम के बाद रात 11:45 बजे लाश को उन्नाव से आए बंदी के भाई रोहित समेत परिवार के लोगों को सौंप दिया गया। वह लोग उसे लेकर घर चले गए।

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    जेल अधीक्षक बोले- घटना की जांच हो रही  

    जेल अधीक्षक ऋषभ द्विवेदी का कहना है कि बंदी के परिवार या बंदी ने किसी तरह के उत्पीड़न की शिकायत जेल प्रशासन से नहीं की थी। जेल के बाहर कब और क्या हुआ, इस बारे में कुछ नहीं पता। जेल में 50 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिससे बंदियों पर नजर रखी जाती है। यह घटना भी काफी हद तक फुटेज में कैद हुई है। जांच की जा रही है।

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