Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रतापगढ़ में गम और गुस्से के बीच मदरसा संचालक का शव सुपुर्द-ए-खाक, छावनी बना रहा पूरा गांव

    Updated: Mon, 10 Jun 2024 10:55 AM (GMT+05:30)

    जमीन विवाद में मौत के घाट उतारे गए मदरसा संचालक मौलाना फारुक के जनाजे में रविवार को हजारों लोग शामिल हुए। छावनी बन चुके सोनपुर गांव में मौलाना को दोपह ...और पढ़ें

    प्रतापगढ़ में गम और गुस्से के बीच मदरसा संचालक का शव सुपुर्द-ए-खाक, छावनी बना रहा पूरा गांव
    प्रतापगढ़ में गम और गुस्से के बीच मदरसा संचालक का शव सुपुर्द-ए-खाक, छावनी बना रहा पूरा गांव

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। जमीन विवाद में मौत के घाट उतारे गए मदरसा संचालक मौलाना फारुक के जनाजे में रविवार को हजारों लोग शामिल हुए। छावनी बन चुके सोनपुर गांव में मौलाना को दोपहर में सिपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। गम और गुस्से का मिला-जुला माहौल रहा।

    डीएम संजीव रंजन, एसपी सतपाल अंतिल क्षेत्र में ही डटे रहे। जेठवारा थाने में मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख व निर्देशन करते रहे। इधर, घटना में नामजद दो आरोपित जेल भेज दिए गए।मौलाना फारुक को शनिवार सुबह गांव में ही कुल्हाड़ी, फावड़े व राड से हमला करके मार डाला गया था। इस कांड में पड़ोसी चंद्रमणि तिवारी, उसकी पत्नी सीता व दो बेटे तथा बगल के देवी प्रसाद पर नामजद केस दर्ज हुआ है। घटना से लोगों में रोष है।

    पहले दिन से लेकर दूसरे दिन तक पुलिस ने अति सतर्कता बरती। शव शाम को घर लाया गया था। रविवार सुबह से लोग सोनपुर पहुंचने लगे थे। कड़ी धूप के बाद भी हजारों लोग मौलाना के जनाजे में शामिल होने आए। बीच-बीच में आक्रोशित हो रहे लोगों को पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शांत कराते रहे। इसके बाद गांव के बगल कब्रिस्तान में शव को दफनाया गया। इसके पहले नमाज हुई।

    इस दौरान राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी भी पहुंचे। उन्हें परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि परिवार को अपनी ओर से आर्थिक मदद दी है, प्रशासन से भी मदद व न्याय के लिए कहा है।

    खबरें और भी

    रानीगंज विधायक डा. आरके वर्मा, प्रयागराज के मौलाना कमरुज्जमा, सुलतानपुर के मौलाना मोहम्मद गनी, जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद एजाज अहमद, सपा जिला सचिव अब्दुल कादिर जिलानी समेत विभिन्न जिलों के मौलाना और राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे।

    इधर पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपित चंद्रमणि तिवारी की पत्नी सीता तिवारी व बगल के देवी प्रसाद से पूछताछ की। इसके बाद उनको जेल भेज दिया गया। एएसपी पश्चिमी संजय राय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। कई तरह के साक्ष्य मिले हैं। उनका आकलन किया जा रहा है। गांव में शांति कायम है।

    इसे भी पढ़ें: सिपाही से बोला खनन माफिया... 'हट जा सामने से नहीं तो कुचल दूंगा', ट्रैक्टर की टक्कर से पुलिसकर्मी की मौत