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प्रतापगढ़ पुलिस कस्टडी में युवक की मौत पर हंगामा, घरवालों ने अंतिम संस्कार से मना किया; वकीलों ने तालाबंदी की

By rajan shukla Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 22 Sep 2026 12:49 PM (IST)

प्रतापगढ़ के पट्टी कोतवाली में युवक की पुलिस हिरासत में मौत के बाद आक्रोश है। परिवार ने अंतिम संस्कार से ...और पढ़ें

HighLights

  1. परिवार के लोग युवक का शव रखकर मांगों को लेकर अड़े

  2. किशोरी के पिता, भाई व अज्ञात पुलिसकर्मी पर हत्या का केस

  3. पट्टी कोतवाली के वॉशरूम में युवक ने की थी आत्महत्या

जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। जनपद के पट्टी कोतवाली में फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले आरोपित मोलनापुर के अर्जुन गौतम की मौत पर बवाल बढ़ गया है। उसका अब तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिवार के लोग लाश को घर पर रखकर 50 लाख रुपये आर्थिक मदद, घर के एक सदस्य को नौकरी, जमीन समेत मांग कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के अधिकारी उनको समझाने में लगे हैं। उधर पट्टी में वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया है। तहसील व रजिस्ट्री कार्यालय ठप कराकर आक्रोश जताया।

पिता का आरोप- हत्या कर आत्महत्या दिखाया गया 

अर्जुन के पिता लल्लू राम ने किशोरी के पिता व भाई तथा एक अज्ञात पुलिसकर्मी पर हत्या का केस मंगलवार सुबह पट्टी कोतवाली में दर्ज कराया। इसमें आरोप है कि उनके बेटे व उक्त लड़की में प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे। इसके विरोध में लड़की के पिता व भाई ने दो बार उसका नाम लड़की को भगा ले जाने में दर्ज कराया। आशंका जताई कि कुछ पुलिसवालों से मिलीभगत करके इन लोगों ने मेरे पुत्र अर्जुन गौतम को कोतवाली में मार डाला व उसे आत्महत्या का रूप दे दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

Lawyers Protest after Pratapgarh Police Custody Death

वकीलों का हंगामा, काम ठप कराया

उधर कोतवाली में हिरासत के दौरान अर्जुन नामक युवक की मौत के मामले में मंगलवार सुबह अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पट्टी तहसील के मुख्य गेट पर एकत्र होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और नारेबाजी की।

Pratapgarh Kotwali gate close

तहसील-रजिस्ट्री कार्यालय बंद कराया

आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय को पूरी तरह से बंद करवा दिया, जिससे न्यायिक व प्रशासनिक कामकाज ठप हो गया। तहसील गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। ऐहतियात के तौर पर पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले कोतवाली के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। तहसील परिसर में प्रदर्शन के बाद जब वकील कोतवाली गेट के बाहर पहुंचे और नारेबाजी करने लगे, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

कोतवाली के मुख्य गेट पर ताला लगाया, बाद में खोला

बाद में अधिवक्ताओं के रजिस्ट्री कार्यालय की ओर बढ़ने पर कोतवाली पुलिस ने गेट का ताला खोला और भारी पुलिस बल के साथ बाहर मुस्तैद हो गई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी कोतवाली गेट के बाहर का वीडियो बनाते भी नजर आए। बार अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मांग की है कि पूरी पट्टी कोतवाली को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही अर्जुन के परिजनों को आर्थिक मदद की जाए। अधिवक्ता रन विजय सिंह, शुभम शांडिल्य, शिव शंकर सिंह, अमित चौरसिया समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

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