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    प्रतापगढ़ में नशेड़ी बेटे ने पिता की हत्या कर शव घर में दफनाया, 9 दिन बाद दुर्गंध उठी तो खुला खौफनाक घटना का राज

    By rajan shukla Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 07:30 PM (IST)

    प्रतापगढ़ में एक नशेड़ी बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की हत्या कर शव घर में दफना दिया। नौ दिन बाद दुर्गंध फैलने पर इस घृणित करतूत का खुलासा हुआ और पुलिस न ...और पढ़ें

    महेशगंज थाना क्षेत्र के अठैसा गांव में वृद्ध की हत्या का राजफाश होने पर जुटी ग्रामीणों की भीड़। जागरण

    महेशगंज थाना क्षेत्र के अठैसा गांव में वृद्ध की हत्या का राजफाश होने पर जुटी ग्रामीणों की भीड़। जागरण

    HighLights

    1. एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस ने गड़ा शव निकाला

    2. नशा करने पर करते थे रोक-टोक, चिढ़ता था आरोपित

    संसू, जागरण, हीरागंज (प्रतापगढ़)। महेशगंज थाना क्षेत्र के अठैसा गांव में एक बेटे ने नशा करने से रोकने को लेकर कहासुनी होने के बाद अपने ही बुजुर्ग पिता की हत्या कर शव घर के भीतर दफना दिया। घटना के नौ दिन बाद घर से बदबू उठने पर गुरुवार को घटना की जानकारी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने एसडीएम की मौजूदगी में शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के मझले बेटे की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित पर हत्या का केस दर्ज किया है।

    अठैसा गांव के 85 वर्षीय जगदीश द्विवेदी अपनी दूसरी पत्नी सूर्यकली की मृत्यु के बाद छोटे बेटे विजय द्विवेदी के साथ रहते थे। जगदीश की पहली पत्नी सोना देवी से बड़े बेटे संतोष और दूसरी पत्नी सूर्यकली से अजय व विजय हैं। चार वर्ष पहले सूर्यकली की मौत हुई थी। बड़ा बेटा संतोष गुरुग्राम और मझला बेटा अजय दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं, जबकि विजय एक वर्ष से गांव में पिता के साथ रह रहा था।

    बताया गया कि विजय नशे का आदी है। अक्सर पिता के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। उसकी पत्नी सुमन रोज हो रहे घरेलू विवाद व कलह के चलते पांच माह से मायके सांगीपुर में रह रही है। 15 जुलाई को विजय ने नशे की हालत में अपने पिता जगदीश के साथ मारपीट की थी।

     

    अगले दिन गुरुग्राम में रह रहे बड़े भाई संतोष ने चाची को पिता का हाल जानने के लिए फोन किया। उनको घर भेजा तो फोन विजय ने लेकर बताया कि पिता 15 जुलाई से लापता हैं। इसके कुछ देर बाद वह घर में ताला लगाकर भाग गया। मामला गड़बड़ भांपकर मंगलवार को संतोष गांव पहुंचा तो घर बंद मिला। बुधवार शाम दिल्ली से अजय भी घर पहुंच गया।

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    दोनों भाइयों ने ग्राम प्रधान की मौजूदगी में विजय की पत्नी सुमन को बुलाकर गुरुवार को घर का ताला खुलवाया। कमरे का दरवाजा खोलते ही तेज दुर्गंध आने लगी। अंदर फर्श की खोदाई जैसी स्थिति देखकर शक हुआ। बात पुलिस तक पहुंची तो खलबली मच गई। एसडीएम अजय यादव, एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय, सीओ सदर मनोज कुमार रघुवंशी पहुंचे। फारेंसिक टीम आई।

    इसके बाद मिट्टी हटवाकर शव बाहर निकलवाया। शव को तोड़-मरोड़कर दफनाने के प्रयास में कुछ हिस्सा मिट्टी में नहीं दब सका था। यह देख वहां रहे लोगों का कलेजा कांप गया। पुलिस ने घटना को लेकर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया। मृतक के बेटे अजय द्विवेदी की तहरीर पर छोटे भाई विजय द्विवेदी के खिलाफ पिता की हत्या करके शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। है।
    पारिवारिक कलह में बुजुर्ग की हत्या का आरोप उसके बेटे पर लगा है। केस दर्ज करके आरोपित की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं।
    - बृजनंदन राय, एएसपी पश्चिमी।