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    प्रतापगढ़ में जल दुर्घटनाएं रोकने को नदियों और तालाबों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड, चार दिन बाद काम शुरू

    Updated: Wed, 24 Jun 2026 04:29 PM (IST)

    प्रतापगढ़ में जल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नदियों, तालाबों और झीलों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। ये बोर्ड जल निकायों की गहराई और लंबाई की जानकारी दे ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. नदियों, तालाबों और झीलों पर अब चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।

    2. ये बोर्ड जल निकायों की गहराई और लंबाई बताएंगे, बढ़ाएंगे जागरूकता।

    3. प्रतापगढ़ में जल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा उपाय।

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। अब बड़ी और छोटी नदियों के संग तालाबों पर लगे चेतावनी बोर्ड लोगों को जागरूक करेंगे। इस बोर्ड के जरिये लोगों को उसकी लंबाई और गहराई की जानकारी हो सकेगी। खास बात यह है कि झीलों पर भी बोर्ड लगाने की कवायद चल रही है। जल क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ऐसा प्रयोग किया जा रहा है। इससे लोगों में जागरूकता भी आएगी।

    जनपद में 1,148 ग्राम पंचायतें हैं। ग्राम पंचायतों में पांच हजार से अधिक सरकारी तालाब हैं। इसमें किसी तालाब की गहराई पांच से आठ फीट है तो किसी की 10 से 15 फीट है। वहीं जनपद में गंगा और सई नदी गुजरी है। यह नदियों भी काफी गहरी हैं।

    साथ ही छोटी नदियां बकुलाही, सकरनी, परैया, चमरौरा और लोनी नदी के अलावा दमदम झील, बेंती, अजगरा, दाऊदपुर, रंगोली, चौरंग, नेवाड़ी, बकोल आदि झील भी गहरी है। गहरे जल क्षेत्रों में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है।

    अब दुर्घटना संभावित स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेराबंदी की व्यवस्था होने जा रही है। चार दिन बाद से काम शुरू हो जाएगा। यह बोर्ड ग्रामीणों को सजग करेगा। प्रभारी जिला विकास अधिकारी देव कुमार ने बताया कि जल क्षेत्रों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की कवायद चल रही है। इससे होने वाली दुर्घटनाओं पर रोकथाम लगेगी।

    खबरें और भी

    देवकली तालाब सबसे गहरा

    नगर पालिका परिषद बेल्हा के अंतर्गत आने वाले देवकली मुहल्ले का तालाब सबसे गहरा है। इसकी गहराई करीब 15 फीट है। इस तालाब में हमेशा पानी भरा रहता है। छह साल पहले मुहल्ले का एक युवक नहाने के दौरान डूबने लगा था। आसपास के लोगों ने किसी तरह से उसकी जान बचाई। अब तो मुहल्ले और आसपास के लोग तालाब में जाने से कतराते हैं।

    तीन सगे भाई बहनों की तालाब में डूबने से हुई थी मौत

    कंजास में अप्रैल माह में तीन सगे भाई बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। वह गर्मी के दौरान नहाने गए थे। पैर फिसलने से गहरे गड्ढे में चले गए थे। यह घटना झकझोर कर रख दी थी।

    18 जून को बढ़नी निवासी सुरजीत गांव के तालाब में डूब गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी। गंगा नदी में भी नहाने के दौरान कई की जान जा चुकी है। रानीगंज के जरियारी आदि गांवों में भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। इन घटनाओं को सबक लेते हुए प्रशासन नई कवायद शुरू करने जा रहा है।

    यह है नदियों का दायरा

    • 50 किमी लंबा है गंगा नदी का दायरा
    • 177 किमी बकुलाही नदी की है लंबाई
    • 06 किमी दायरे से गुजरी है गोमती नदी