Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अविनाश का दो साल में बन गया मकान, बदला रहन-सहन

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 08:51 AM (IST)

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के परिवार का दो साल में कायाकल्प हो गया, कच्चे घर से नया मकान, बाइक और कार आ गई। अब इस अचानक आई संपन्नता ...और पढ़ें

    चढ़ावा चोरी के आरोपित अविनाश शुक्ला द्वारा पैतृक गांव में बनवाया गया पक्का मकान। जागरण

    चढ़ावा चोरी के आरोपित अविनाश शुक्ला द्वारा पैतृक गांव में बनवाया गया पक्का मकान। जागरण

    HighLights

    1. अविनाश शुक्ला के परिवार का दो साल में कायाकल्प।

    2. कच्चे घर से नया मकान, बाइक और कार आई।

    3. राम मंदिर चोरी के बाद अचानक संपन्नता पर संदेह।

    जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। राम मंदिर चढ़ावा चोरी में पकड़े गए अविनाश शुक्ला के घर-परिवार का दो साल में कायाकल्प हो गया। रहन-सहन सुविधायुक्त हो गया। यही नहीं कच्चे खपरैल घर में किसी तरह गुजारा कर रहे परिवार के लिए नया मकान बन गया। उसके घर बाइक व कार भी आ गई।

    इस पर गांव के लोगों की खास नजर पहले नहीं थी, लेकिन अब उसके पास अयोध्या में हुई लंबी बरामदगी के बाद उसकी यह प्रगति संदेह के दायरे में आ गई है। अब उसकी पैतृक संपत्ति व बैंक खातों की प्रतापगढ़ में भी जांच होना तय माना जा रहा है। उधर, शुक्रवार को गांव में एसआइटी का आने का इंतजार दिनभर होता रहा। लोगों की नजरें भी गड़ी रहीं।

    जिले के महेशगंज थाना के बाबूपुर नरियावां के राम सजीवन शुक्ल के पांच बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा ललित खेती करता है। इसकी शादी हो चुकी है। दूसरा अमित शुक्ला भी खेती करता था। बाद में वह भी अयोध्या जाकर अविनाश की मदद करने लगा था। बीच में वह घर भी आ जाता था। अमित का ही नोटों के बंडल के साथ वीडियो दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने से खलबली मच गई थी। तीसरा बेटा अनुज घर पर रहता है।

    चौथा बेटा अभिषेक शुक्ला अयोध्या में योग शिक्षक है। वह पांच साल से बाहर है। घर कम ही आता है। सबसे छोटा बेटा अविनाश है, चढ़ावा चोरी कांड में पकड़ा गया है। इन तीनों की अभी शादी नहीं हुई है। इन भाइयों की कोई बहन नहीं है। वैसे तो अविनाश के पिता 12 बीघे के काश्तकार हैं, उनके पास ट्रैक्टर भी पहले से है, लेकिन बच्चों की कुछ खास आमदनी न होने से सब पुराने कच्चे घर में गुजर-बसर करते थे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- चढ़ावा चोरी के आरोपित अविनाश का दो साल में बन गया मकान, पहले माता-पिता के साथ कच्चे घर में रहता था 5 भाइयों का परिवार

    यही नहीं पैसे की व्यवस्था के लिए अमित ने कानपुर में छोटा ढाबा भी खोला, जो कुछ ही माह में बंद हो गया। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे परिवार की भूमिधरी जमीन पर दो साल पहले एक मकान ने आकार लेना शुरू किया। अब वह मार्बल, टाइल्स समेत आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर दूर से ही ध्यान खींचता है।

    इसी साल फरवरी में अविनाश के भाई अमित की शादी पड़ी थी तो मकान और चमकाया गया। ब्रेजा कार अविनाश द्वारा खरीदी बताई जा रही है। गांव के लोग भी अचानक इस संपन्नता को देख चर्चा करने लगे, लेकिन कारण तब समझ सके, जब अविनाश का नाम मुख्य आरोपित के रूप में चढ़ावा चोरी केस में उभरा।

    अब इस मकान व कार में किस भाई व उनके पिता ने कितना पैसे का योगदान दिया है, यह बताने वाला कोई नहीं है। हालांकि अयोध्या पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर इसकी सच्चाई निकाल ही लेगी।