प्रयागराज का यह इलाका...जहां कभी माफिया का था कब्जा, यहां अब खेल मैदान में युवा निखार रहे प्रतिभा
प्रयागराज के शंकरगढ़ के मदनपुर गांव में कभी खनन माफिया का दबदबा था, अब यहां विकास की नई किरणें फूट रही हैं। ग्राम प्रधान की मेहनत से यहां 150 फीट ऊंचे ...और पढ़ें

प्रयागराज के शंकरगढ़ के मदनपुर गांव में 150 फीट ऊंचे पहाड़ के बीच बनाया गया स्पोर्ट्स कांप्लेक्स। जागरण
HighLights
यमुनापार में शंकरगढ़ के मदनपुर गांव में था माफिया ने कर रखा था कब्जा
150 फीट ऊंचे पहाड़ के बीच मनरेगा के बजट से कराया स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण
सूर्य प्रकाश तिवारी, प्रयागराज। मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित प्रयागराज के शंकरगढ़ का मदनपुर गांव। यहां खनन माफिया पहाड़ों का सीना छलनी कर अपनी तिजोरियां भरने में जुटे थे। जिम्मेदारों ने भी खामोशी की चादर तान रखी थी। लगभग 150 फीट ऊंचे पहाड़ के काफी हिस्से को काट कर बेचा जा चुका था। गांव के विद्यापति सिंह इसके खिलाफ थे, लेकिन वह करते भी तो क्या। खनन माफिया को जनप्रतिनिधियों का वरदहस्त जो प्राप्त था।
ग्राम प्रधान विद्यापति की मेहनत लाई रंग
फिर तख्ता पलटा और विद्यापति सिंह खुद गांव के मुखिया यानी ग्राम प्रधान बन गए। विकास के मरहम से खनन के जख्मों को भर दिया। जहां पर पहले खनन माफिया का कब्जा था, अब वहां स्पोर्ट्स कांप्लेक्स (खेल मैदान) है, जिसमें आसपास के कई गांवों के युवा अपनी प्रतिभा को तरासती हैं। इसके अलावा हाट बाजार और अन्नपूर्णा भवन का निर्माण भी कराया गया है।
जमीन को खनन माफिया से मुक्त कराना चुनौती थी
पहाड़ी इलाकों में शामिल मदनपुर ग्राम पंचायत में करीब छह बीघे जमीन खनन माफिया के कब्जे में थी। 10 वर्ष पहले प्रधान बने विद्यापति सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती खनन माफिया से इसे मुक्त कराने की थी। काफी जिद्दोजहद के बाद इसमें कामयाबी मिली।
तीन बीघे में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण कराया
वर्ष 2023 में विकास कार्य शुरू कराए। तीन बीघे में स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण कराया। शेष तीन बीघे में एक ग्रामीण हाट बाजार और एक अन्नपूर्णा भवन बनवाया गया है। मनरेगा और केंद्रीय वित्त आयोग के बजट से सारे काम कराए। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पर 70 लाख, ग्रामीण हाट बाजार पर 25 लाख और अन्नपूर्णा भवन पर 8.50 लाख रुपये खर्च हुए।
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पार्क पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा
ग्राम प्रधान कहते हैं कि हाट बाजार और अन्नपूर्णा भवन शुरू होना बाकी है, लेकिन खेल मैदान में खिलाड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। मदनपुर के अलावा पूरे बल्दू, लौंदकला, लौंदखुर्द और दुबहा समेत कई गांवों के युवा यहां वालीबाॅल, फुटबाल, टेनिस आदि का अभ्यास करने के लिए जुटते हैं। सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं हरियाली से सजा यह पार्क पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।
गांव के खेल मैदान में दर्शक दीर्घा व कमेंट्री बाक्स
मनरेगा से खेल मैदान तो तमाम गांवों में बने हैं, लेकिन मदनपुर का खेल मैदान अलग है। यहां पर खेल के दो अलग-अलग मैदान हैं। एक खेल मैदान में एक हजार की क्षमता वाले दर्शक दीर्घा के साथ कमेंट्री बाक्स बना है। वहीं दूसरे में 300 लोगों के बैठने के लिए दर्शकदीर्घा बनाई गई है। आरसीसी का रनिंग ट्रैक बना है। इसके अलावा वालीबाल, बैडमिंटन, फुटबाल और क्रिकेट से जुड़े सभी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
मदनपुर गांव के प्रधान की पहल : सीडीओ
सीडीओ हर्षिका सिंह का कहना है कि मदनपुर गांव के प्रधान ने एक नई पहल की है। खनन प्रभावित भूमि की तस्वीर ही बदल दी गई है। इसमें खेल मैदान की डिजाइजन सबसे अधिक आकर्षक है। जहां पर सही से चलने लायक जगह नहीं थीं, वहां खेल मैदान बना है। अलग-अलग खेल की सुविधाएं दी गईं हैं। यह सराहनीय है।