‘आंगनबाड़ी केंद्र कहां बने याचिका से नहीं कर सकते तय, यह अधिकारियों का काम’; हाई कोर्ट ने PIL की खारिज
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के फूलपुर में आंगनबाड़ी केंद्र के स्थान को लेकर दायर जनहित याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केंद्र का स् ...और पढ़ें


समय कम है?
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विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के फूलपुर में एक आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर दायर जनहित याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी है कि इसका स्थल याचिका के माध्यम से नहीं तय किया जा सकता। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने कहा, आंगनबाड़ी केंद्र के लिए स्थल तय करने का फैसला अधिकारियों का है और इसे उन्होंने ले लिया है।
यदि जमीन विवादित है और उसे लेकर कोई सक्षम अदालत की तरफ से कोई स्थगनादेश है तो उसका पालन होगा। उक्त आदेश रिक्त होने पर ही कार्यवाही हो सकेगी। जनहित याचिका मोहम्मद इस्माइल ने दायर की थी।
आंगनबाड़ी केंद्र के स्थान पर सवाल उठाते हुए दी दलील
वह ग्राम सभा नेवादा के पूर्व ग्राम प्रधान हैं और उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र के स्थान पर सवाल उठाते हुए दलील दी कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्राम पूरे दुर्गी नेवादा-द्वितीय में जरूरी है, जबकि उसका निर्माण नेवादा में किया जा रहा है। संबंधित जमीन को लेकर विवाद है, उस पर समीरा कलीम व अन्य द्वारा दायर मुकदमा एसडीएम/ एसडीओ फूलपुर के समक्ष लंबित है, इसके बावजूद सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्थान को मंजूरी दे दी गई है।
समीरा कलीम द्वारा दायर मुकदमे में स्थगन रिक्त हो गया है। याची के अधिवक्ता ने मंजूर किए गए स्थान पर आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के औचित्य के बारे में दलीलें देने की कोशिश की और कहा कि इसकी ज्यादा जरूरत पूरे दुर्गी में थी।
कहा कि एक सिविल मुकदमे में फिर स्थगन आदेश दे दिया गया है। खंडपीठ ने कहा, आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए चुने गए स्थान के औचित्य का सवाल है और हमें उसमें दखल देने का कोई कारण नहीं दिखता।