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आपराधिक मुकदमा लंबित होने मात्र से पासपोर्ट जारी करने पर रोक नहीं लग सकती : इलाहाबाद हाई कोर्ट

Published: Wed, 23 Sep 2026 08:11 AM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि केवल आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट जारी करने से इनकार नहीं किया जा सकता।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

इलाहाबाद हाई कोर्ट।

HighLights

  1. आपराधिक मामले लंबित होने से पासपोर्ट जारी करने पर रोक नहीं।

  2. पासपोर्ट स्वत: विदेश यात्रा का अधिकार नहीं देता, कोर्ट तय करेगा।

  3. याचिकाकर्ता के पासपोर्ट आवेदन पर विचार करने का अंतरिम आदेश जारी।

विधि संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के पास पासपोर्ट उसे स्वत: विदेश जाने का अधिकार नहीं देता। यदि किसी के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है और उसके विदेश भागने की आशंका है तो पुलिस अथवा अभियोजन एजेंसी अदालत आकर पासपोर्ट जमा कराने की मांग कर सकती है।

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने कहा कि पासपोर्ट मिलना अपने आप में दूसरे देश की सीमा पार करने का अधिकार नहीं देता। विदेश यात्रा के लिए संबंधित देश का वीजा और आवेदन प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है।

यह भी कहा कि केवल आपराधिक मामले के लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट जारी करने से इन्कार नहीं किया जा सकता।लाइव ला के अनुसार, मामले में याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट का रुख करते हुए कहा कि उसके खिलाफ दो आपराधिक मामले लंबित होने के कारण पासपोर्ट जारी करने के उसके आवेदन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

उसने अदालत से पासपोर्ट जारी करने का आदेश देने की मांग की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर मामले में आपराधिक मुकदमे का सामना कर रहे व्यक्ति को विदेश जाने से रोकना जरूरी नहीं है।

अदालत परिस्थितियों के अनुसार अनुमति दे सकती है और उस पर उचित शर्तें लगा सकती है। विदेश यात्रा का सवाल उस समय उठता है, जब संबंधित व्यक्ति वास्तव में विदेश जाने का प्रयास कर रहा हो, जबकि पासपोर्ट जारी करना उससे अलग चरण है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि ‘पासपोर्ट, कानून के तहत नागरिक को मिलने वाला मूल रूप से एक नागरिक दस्तावेज है और केवल आपराधिक मामला लंबित होने के आधार पर पासपोर्ट अधिकारी उसे जारी करने से इनकार नहीं कर सकते।

हालांकि, यदि आवेदक पासपोर्ट आवेदन में अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामले की जानकारी छिपाता है, तो स्थिति अलग होगी।

न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले महेश कुमार अग्रवाल बनाम भारत संघ का भी उल्लेख किया। इसके आधार पर कोर्ट ने लखनऊ के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को याचिकाकर्ता के पासपोर्ट आवेदन पर विचार करने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।

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