महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को Allahabad HC से मिली राहत, भ्रष्टाचार मामले की कार्यवाही पर लगाई रोक
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को भ्रष्टाचार मामले में राहत देते हुए लखनऊ की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की फाइल फोटो।
HighLights
कोर्ट ने लखनऊ की विशेष अदालत में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही व समन आदेश पर रोक लगाई
कोर्ट ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा, मणिलाल ने समन आदेश को हाई कोर्ट में दी है चुनौती
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने महोबा के पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को राहत दी है। कोर्ट ने उनके विरुद्ध लखनऊ की विशेष अदालत में चल रहे मुकदमे की कार्यवाही और समन आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी ने दिया है।
मणिलाल ने याचिका दाखिल कर विशेष अदालत भ्रष्टाचार निवारण लखनऊ द्वारा जारी संज्ञान और समन आदेश को चुनौती दी है। उसके अधिवक्ता का कहना था कि याची को सिर्फ परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। अदालत ने बिना केस के तथ्यों पर विचार किए समन आदेश जारी किया है।
आईपीसी की धारा 172/188 में दर्ज मामले में कोई न्यायालय तब तक संज्ञान नहीं ले सकता है जब तक कि लिखित शिकायत किसी लोक प्राधिकारी अथवा संबंधित के उच्च अधिकारी द्वारा नहीं की गई हो। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई तक के लिए मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाई है।
पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने रिश्वत मांगने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। आठ सितंबर 2020 को इंद्रकांत को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई थी। उसने वीडियो जारी कर पाटीदार पर हत्या की साजिश का आरोप लगाया। तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई।
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इसके बाद इंद्रकांत के भाई ने पाटीदार, तत्कालीन इंस्पेक्टर कबरई देवेंद्र और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। भ्रष्टाचार के मामले में 22 जुलाई 2021 को पाटीदार के खिलाफ महोबा कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।