Allahabad HC में DM बस्ती के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल, राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगी जानकारी
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीएम बस्ती के खिलाफ अवमानना याचिका पर राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। यह याचिका स्थगनादेश के बावजूद आयुष महाविद्यालय के लिए जमी ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
HighLights
इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रकरण को लेकर अगली सुनवाई तीन सितंबर को होगी
भवानी प्रसाद रामदेव जूनियर हाईस्कूल हरैया के प्रबंधक की अवमानना याचिका
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी बस्ती और अन्य के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर राज्य सरकार के अधिवक्ता से जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बुधवार ने भवानी प्रसाद रामदेव जूनियर हाईस्कूल हरैया के प्रबंधक की अवमानना याचिका पर दिया है।
स्थगनादेश के बावजूद जमीन पुनर्ग्रहरण का मामला
मामला स्थगनादेश के बावजूद आयुष महाविद्यालय/विश्वविद्यालय परियोजना के लिए जमीन पुनर्ग्रहीत किए जाने का है। प्रकरण में अगली सुनवाई तीन सितंबर 2026 को होगी। याचिका में जिलाधिकारी और अन्य के खिलाफ आदेश की जानबूझकर अवहेलना के आरोप में अवमानना कार्यवाही की मांग की गई है। याची की तरफ से अधिवक्ता नित्य प्रकाश तिवारी ने बहस की।
सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना
कोर्ट को कहा कि ग्राम देवनाथपुर, तहसील हरैया, तप्पा-अमोढ़ा बस्ती स्थित गाटा संख्या 394 'ल' (क्षेत्रफल 4.047 हेक्टेयर) की भूमिधरी जमीन पर राजस्व परिषद उप्र के प्रभावी स्थगनादेश के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कथित अवैध पुनर्ग्रहण कार्यवाही की गई। राजस्व परिषद की ओर से 29 सितंबर 2021 को पारित स्थगनादेश आज भी कानूनी रूप से प्रभावी है, फिर भी जिला प्रशासन ने जानबूझकर न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए उक्त गाटा की भूमि को आयुष महाविद्यालय/विश्वविद्यालय परियोजना के लिए पुनर्ग्रहीत करने का अवैध आदेश पारित किया है जो सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना है।