इलाहाबाद विश्वविद्यालय में एनईपी के तहत आठ नए कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी, माइनर विषयों पर भी निर्णय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आठ नए कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया है। जर्मन, फ्रेंच और रूसी ज ...और पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की फाइल फोटो।
HighLights
विदेशी भाषाएं जर्मन, फ्रेंच और रूसी के साथ ‘थिएटर और फिल्म्स’ बने माइनर विषय
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विद्वत परिषद की 50वीं बैठक में लिया गया अहम निर्णय
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को विद्वत परिषद की 50वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने की। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विश्वविद्यालय में शैक्षणिक ढांचे को अधिक व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।
छात्र वैश्विक भाषाई दक्षता हासिल करेंगे
छात्रों के कौशल विकास और क्षमता संवर्धन को ध्यान में रखते हुए आठ नए पाठ्यक्रम शुरू करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, परिषद ने जर्मन, फ्रेंच और रूसी जैसी विदेशी भाषाओं के साथ ‘थिएटर और फिल्म्स’ को भी एनईपी पाठ्यक्रमों के तहत माइनर विषयों के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया। इससे छात्रों को वैश्विक भाषाई दक्षता और रचनात्मक क्षेत्रों में भी अवसर मिलेंगे।
ये हैं आठ कौशल विकास पाठ्यक्रम
आठ नए कौशल विकास पाठ्यक्रमों में प्रोफेशनल कम्युनिकेशन एवं व्यक्तित्व विकास, ज्योतिष के आधार, वैदिक गणित, कंप्यूटर एप्लीकेशन, 8085 माइक्रोप्रोसेसर असेंबली लैंग्वेज के उपयोग से आटोमोटिव ट्राय, प्रोग्राम लाजिक तकनीक, पायथन प्रोग्रामिंग तथा वेब डिजाइन बेसिक जैसे कोर्स शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के जरिए छात्रों को आधुनिक तकनीकी और पारंपरिक ज्ञान दोनों का समन्वित प्रशिक्षण मिलेगा।
प्रोत्साहन के लिए तीन स्वर्ण पदक भी मिलेंगे
बैठक में उत्कृष्ट छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए तीन स्वर्ण पदकों को भी मंजूरी दी गई। बीकाम में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को प्रो. जगदीश प्रकाश मेमोरियल स्वर्ण पदक जबकि बीटेक (इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन में प्रथम स्थान के लिए डाॅ. हरि मोहन मेमोरियल स्वर्ण पदक प्रदान किया जाएगा। वहीं छात्राओं में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली को भी डाॅ. हरि मोहन मेमोरियल स्वर्ण पदक मिलेगा।
खबरें और भी
प्रभाकर-विशारद डिप्लोमा वाले छात्रों पर भी निर्णय
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत परिषद ने यह भी स्वीकृति दी कि ‘प्रभाकर’ और ‘विशारद’ के छह वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करने वाले ऐसे छात्र, जिनके पास स्नातक की डिग्री भी है, उन्हें संगीत एवं प्रदर्शन कला विभाग के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा।