इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हंगामा-तोड़फोड़ करने के चार आरोपित छात्र निलंबित, परिसर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने फीस वृद्धि और सीट कटौती के विरोध में आंदोलन करने वाले चार छात्रों को निलंबित कर दिया है। इन छात्रों पर परिसर में प्रवेश पर प ...और पढ़ें

इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
HighLights
सीनेट परिसर में हंगामे और तोड़फोड़ मामले में पांच नामजद, कई अज्ञात पर एफआईआर
-इवि प्रशासन ने निलंबित छात्रों को अभिभावक संग पांच अगस्त को पेशी के निर्देश दिए
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर में हंगामा, नारेबाजी, प्रदर्शन और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कर्नलगंज थाने में एक बाहरी सहित पांच छात्रों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन से जुड़े चार छात्रों को निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही इन छात्रों के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सभी को अभिभावक के साथ पांच अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया गया है।
चीफ प्रॉक्टर ने दर्ज कराया मुकदमा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर डॉ. अतुल नारायण सिंह की शिकायत के बाद कर्नलगंज थाना पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर के अनुसार 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे कुछ छात्र एवं बाहरी व्यक्ति सीनेट परिसर की बाहरी दीवार फांदकर अंदर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, जोरदार नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
छात्रों पर ये लगे हैं आरोप
चीफ प्राक्टर डॉ. अतुल नारायण सिंह की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के अनुसार प्रदर्शन में उपद्रव, धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ की गई, जिससे विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचा और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पांच लोगों की पहचान की गई।
विश्वविद्यालय के इन चार छात्रों व एक बाहर पर केस दर्ज
कार्रवाई की जद में इवि के चार छात्र आयुष यादव (बीए द्वितीय वर्ष, निवासी सिकंदरपुर, आजमगढ़), आशुतोष मौर्य (एमए द्वितीय वर्ष, निवासी कंधरापुर, आजमगढ़), गौरव कुमार (एमए तृतीय वर्ष, निवासी राबर्ट्सगंज सोनभद्र), अमित यादव (बीए तृतीय, वर्ष निवासी उमरिया मध्य प्रदेश) और बाहरी युवक प्रियांशु भुरतिया (रीवा, मध्य प्रदेश) आए हैं। कर्नलगंज पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अन्य लोगों की भूमिका भी पुलिस करेगी जांच
मामले की विवेचना उप निरीक्षक पंकज कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
छात्र संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई को दमनात्मक करार दिया है। छात्रनेता अनुराग यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने संवाद स्थापित करने के बजाय दंडात्मक कदम उठाया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लंबे समय से चल रहे क्रमिक धरने के बावजूद कोई सार्थक वार्ता नहीं की। इसके चलते छात्रों ने विरोध स्वरूप प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों से संवाद शुरू किया जाए तथा फीस वृद्धि और सीट कटौती जैसे मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सीनेट परिसर में 28 जुलाई को हुई अवैध प्रवेश, नारेबाजी, प्रदर्शन एवं विश्वविद्यालय की संपत्ति को क्षति पहुंचाने की घटना के संबंध में कर्नलगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। एफआइआर में सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आशुतोष मौर्य, प्रियांशु भुरतिया, आयुष यादव, अमित यादव एवं गौरव कुमार तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों को नामजद किया गया है।इनको निलंबित कर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रियांशु भुरतिया विश्वविद्यालय का छात्र नहीं है।
- प्रो. जया कपूर, पीआरओ इलाहाबाद विश्वविद्यालय।