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    UP में खुली जेलों की बदहाली पर इलाहाबाद HC सख्त, कहा- महिला कैदियों को सुविधा से वंचित रखना पूरी तरह अस्वीकार्य

    By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 31 Jul 2026 01:21 PM (IST)

    इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में खुली जेलों की बदहाली और महिला कैदियों को सुविधा से वंचित रखने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने महानिदेशक जेल क ...और पढ़ें

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय।

    इलाहाबाद उच्च न्यायालय।

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई पर महानिदेशक जेल का विस्तृत हलफनामा पेश करने का निर्देश दिया

    2. मामला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में हाई कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका के तहत सुना जा रहा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश में ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशंस (खुली जेलों) की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 26 फरवरी 2026 के आदेश (सुहास चकमा बनाम भारत संघ) के अनुपालन में हाई कोर्ट में कायम जनहित याचिका के तहत सुना जा रहा है।

    सिर्फ लखनऊ में है ओपन जेल

    हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दाखिल अनुपालन हलफनामा उम्मीदों से काफी कम है। कोर्ट के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल सिर्फ एक ही ओपन जेल लखनऊ स्थित माडल जेल कार्यरत है, जिसकी क्षमता 800 कैदियों की है, लेकिन वहां मात्र 316 कैदी ही रखे गए हैं। राज्य यह भी स्पष्ट नहीं कर पाया कि इन 316 कैदियों के चयन का आधार क्या था और बाकी 484 सीटें कब तक भरी जाएंगी।

    कोर्ट ने राज्य सरकार को नीति में कमी दूर करने को कहा

    हाई कोर्ट ने विशेष रूप से इस बात पर आपत्ति जताई कि महिला कैदियों को केवल लिंग के आधार पर ओपन जेल की सुविधा से वंचित रखा गया है, जिसे कोर्ट ने 'पूरी तरह अस्वीकार्य' करार दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को अपनी नीति में इस कमी को दूर करने को कहा है। कोर्ट ने महाराष्ट्र, राजस्थान और केरल में लागू बेहतर प्रणालियों का जिक्र किया, जहां कैदियों को परिवार के साथ रहने, खेती करने, बेहतर मज़दूरी कमाने और शिक्षा-प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। 

    यूपी में 27% ओपन जेल क्षमता का उपयोग हो पा रहा

    ब्यूरो आफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि यूपी में सिर्फ 27 प्रतिशत ओपन जेल क्षमता का उपयोग हो पा रहा है, जबकि राज्य में 80,000 से अधिक कैदी सजा काट रहे हैं यानी मौजूदा सुविधा कुल जरूरत से 0.1 प्रतिशत से भी कम है।

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    अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी

    हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कम से कम दो नई ओपन जेल स्थापित करने पर विचार करने और अगली सुनवाई पर महानिदेशक जेल का विस्तृत हलफनामा चारों राज्यों की तुलनात्मक तालिका सहित पेश करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।

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