शस्त्र लाइसेंस: हाई कोर्ट को मिला 42 लोगों का विवरण, शेष 41 के लिए सरकार ने मांगा समय
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रभावशाली व बाहुबली नेताओं के शस्त्र लाइसेंस का संपूर्ण विवरण देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को 29 मई तक का समय दिया है। ...और पढ़ें
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इलाहाबाद हाई कोर्ट।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
विधि संवाददाता, प्रयागराज। प्रभावशाली व बाहुबली नेताओं के शस्त्र लाइसेंस से जुड़ा संपूर्ण विवरण देने के लिए राज्य सरकार को 29 मई तक समय और मिल गया है। मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकलपीठ के समक्ष गृह सचिव का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया।
इसमें अदालत के आदेश के आंशिक अनुपालन की बात थी। कहा, कुल 83 व्यक्तियों में 42 व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी मिल सकी है। शेष 41 व्यक्तियों की जानकारी प्रदान करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए, क्योंकि संबंधित जानकारी एकत्र करने और सत्यापित करने की प्रक्रिया जारी है।
इस पर कोर्ट ने नई तिथि नियत करते हुए यह स्पष्ट किया है कि अब और समय नहीं दिया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा है कि अगली सुनवाई पर एक अधिकारी जो निरीक्षक स्तर से कम नहीं होगा और मामले के तथ्यों से पूरी तरह अवगत होगा, व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेगा ताकि आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्रदान कर सके।
संत रविदास नगर (भदोही) निवासी जयशंकर उर्फ बैरिस्टर की याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इससे पहले 20 मई को पूर्व मंत्री तथा वर्तमान विधायक रघुराज प्रताप सिंह, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह समेत 19 व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस के संबंध में विशेष रूप से जानकारी मांगी थी। याची आभूषण व्यवसायी है।
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शस्त्र लाइसेंस के लिए उसकी अर्जी चार साल लंबित रखने के बाद जिलाधिकारी ने खारिज कर दी थी। इस आदेश को अपर मंडलायुक्त विंध्याचल मंडल मीरजापुर के समक्ष अपील में चुनौती दी गई थी। इसे भी खारिज कर दिया गया था। दोनों ही आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
कोर्ट के 11 मार्च के आदेश के क्रम में संयुक्त सचिव (गृह) ने हलफनामा दाखिल कर बताया है कि प्रदेश में कुल 10,08953 शस्त्र लाइसेंस धारक हैं। फिलहाल विभिन्न श्रेणी में 23,407 आवेदन विचाराधीन हैं।
जिलाधिकारी के आदेश के खिलाफ 1738 अपीलें कमिश्नर के समक्ष हैं। कुल 20,960 परिवारों में एक से अधिक लाइसेंस हैं तथा 6062 आपराधिक इतिहास वालों को शस्त्र लाइसेंस दिया गया है।
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