4 साल में 16 चालान, पता भी निकला फर्जी... अतीक के बेटे अबान की एक्सीडेंट वाली कार को लेकर खुलासा
झांसी में अतीक अहमद के बेटे अबान की दुर्घटनाग्रस्त कार मोहत्सिमगंज निवासी मो. जैद की थी, जो गलत पते पर पंजीकृत थी। इस कार पर चार साल में 16 चालान हुए ...और पढ़ें

डेढ़ माह पहले हुआ था आखिरी चालान। जागरण
HighLights
दुर्घटनाग्रस्त कार मोहत्सिमगंज निवासी मो. जैद के नाम पंजीकृत थी।
कार का पंजीकरण गलत पते पर हुआ था, मालिक अनजान।
चार साल में 16 चालान, जिनमें छह ओवरस्पीड के शामिल।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। झांसी में गुरुवार सुबह दुर्घटनाग्रस्त जिस कार में माफिया अतीक अहमद का पुत्र अबान सवार था, वह कार मोहत्सिमगंज निवासी मो. जैद की थी। जहां कार के पंजीकरण गलत पते पर होने की बात सामने आई है, वहीं करीब चार वर्ष में कार का 16 बार चालान हुआ था। आखिरी चालान करीब डेढ़ माह पहले 27 जून को हुआ था। आश्चर्य की बात यह है कि इसमें से छह चालान सिर्फ ओवरस्पीड के शामिल हैं।
कोतवाली थानांतर्गत मोहत्सिमगंज निवासी मो. जैद को कार शादी में वर्ष 2021 मिली थी। उस समय कार ससुराल पक्ष के ही किसी व्यक्ति के नाम थी। 21 नवंबर 2024 को कार मो. जैद के नाम ट्रांसफर हुई। इसमें सब कुछ तो ठीक था, लेकिन कार जिस पते पर रजिस्टर्ड हुई, वह गलत था।
परिवहन विभाग के रिकार्ड में कार जिस पते पर रजिस्टर्ड है, वह मकान नंबर 104 है, जबकि मो. जैद मकान नंबर 204 में रहता है। कार के दस्तावेज भी 21 नवंबर 2024 को ट्रांसफर के समय मिल गए, बावजूद इसके दर्ज गलत पते को ठीक कराने की कोशिश नहीं हुई।

यही नहीं, मकान नंबर 104 मोहत्सिमगंज में रहने वाले पुग्गू लाल कनौजिया के स्वजन को इसकी जानकारी ही नहीं है कि उनके पते पर एक लग्जरी कार पंजीकृत है। आज भी उनके परिवार के लोग अनिभिज्ञ हैं। उधर, एक और बात सामने आई है। परिवहन विभाग के आनलाइन पोर्टल के मुताबिक कार का वर्ष 2022 से 2026 के बीच 16 चालान हुए।
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इनमें छह चालान ओवरस्पीड के शामिल हैं। अंतिम बार चालान डेढ़ माह पहले 27 जून को हुआ था। यही नहीं, 16 चालान में आठ जुर्माने का भुगतान भी किया गया है।
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घायल निजी अस्पतालों में भर्ती, हालत गंभीर
झांसी में हुए सड़क हादसे में मो. जैद, मो. उमर और आजम गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन सभी को पहले झांसी स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। सूत्रों की मानें तो तीनों को उनके स्वजन यहां ले आए।
इसमें दो को सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है, जबकि एक का धूमनगंज क्षेत्र के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। नाते-रिश्तेदार व करीबी इनका हालचाल लेने अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं, यह जिन मुहल्लों में रहते हैं, वहां के लोग इनके बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। वजह यह है कि यह सभी माफिया अतीक अहमद के हादसे में मृत पुत्र अबान अहमद के दोस्त हैं।