Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    वसंत पंचमी पर यूपी आया, महाकुंभ में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया; बब्बर खालसा के आतंकी ने उगल दी सच्चाई

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 07:58 PM (IST)

    खालिस्तानी आतंकी संगठन का सक्रिय आतंकवादी लजर मसीह वसंत पंचमी पर यूपी में दाखिल हुआ लेकिन महाकुंभ की सख्त सुरक्षा के चलते मेला क्षेत्र में घुस नहीं पा ...और पढ़ें

    बब्बर खालसा का खूंखार अतंकी गिरफ्तार ।
    बब्बर खालसा का खूंखार अतंकी गिरफ्तार ।

    HighLights

    1. दिल्ली से श्रद्धालुओं के साथ बस में सवार होकर पहुंचा कौशांबी
    2. महाकुंभ का अभेद्य सुरक्षा घेरा देख आका ने नहीं दिया था आदेश

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। खालिस्तानी आतंकी संगठन का सक्रिय आतंकवादी लजर मसीह महाकुंभ के तीसरे मुख्य स्नान पर्व वसंत पंचमी पर यूपी में दाखिल हुआ था। वह दिल्ली से एक बस में सवार हुआ और फिर श्रद्धालुओं के साथ ही कौशांबी पहुंंचा।

    महाकुंभ मेले के लिए बनाए गए अभेद्य सुरक्षा घेरे को देखते हुए वह मेला क्षेत्र में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। हालांकि इसके लिए लगातार वह फिराक में जुटा रहा और काफी दिनाें तक कानपुर से लेकर लखनऊ तक घूमता रहा।

    आतंकी लजर मसीह अपने आका स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी के आदेश का इंतजार भी करता रहा। मगर जर्मन माड्यूल का प्रमुख जीवन फौजी ने लजर को कुछ संकेत भेजकर रोके रखा। कौशांबी से गिरफ्तार किए गए बब्बर खालसा इंटरनेशनल के आतंकी लजर मसीह से पूछताछ में एसटीएफ और सुरक्षा एजेंसियों को यह जानकारी हाथ लगी है।

    महाकुंभ में था सुरक्षा का 7 चक्रीय घेरा

    दिव्य और भव्य महाकुंभ में देश-विदेश से 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों, कल्पवासियों, पर्यटकों व वीआइपी के आने का अनुमान था। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए सात चक्रीय घेरा तैयार किया गया था। इसमें महाकुंभ मेला क्षेत्र के आंतरिक और बाह्य क्षेत्र में अलग-अलग तरीके से व्यवस्था बनाई गई थी।

    खबरें और भी

    आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एटीएस, एनएसजी के कमांडो और अत्याधुनिक असलहों के साथ स्नाइपरों की भी तैनाती की गई थी। मेला आरंभ से पहले खालिस्तान समर्थक आतंकी पन्नू की ओर से धमकी दिए जाने के बाद सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रख दिया गया था।

    एसटीएफ को मिल रहे थे इनपुट

    सूत्रों का कहना है कि मेले के दौरान अलग-अलग स्तर पर थ्रेट से जुड़े इनपुट एसटीएफ को भी मिल रहे थे। एसटीएफ चीफ अमिताभ यश लगातार कई दिनों तक महाकुंभ मेला क्षेत्र में डेरा जमाए हुए थे। उनके साथ एसटीएफ मुख्यालय के एडिशनल एसपी लाल प्रताप सिंह भी अपनी टीम के साथ सभी इनपुट का विश्लेषण करते हुए सक्रिय रहे।

    इसी बीच पंजाब से वांछित आतंकी लजर के प्रयागराज जिले के आसपास होने की सूचना मिली। आशंका जताई गई कि वह मेले में कोई घटना कारित कर सकता है। तब उसकी घेरेबंदी तेज कर दी गई। एसटीएफ के कई टीम कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज समेत कई जिलों में रहकर सूचनाओं का संकलन करने लगी। फिर पंजाब पुलिस की मदद से आखिरकार आतंकी को दबोचने में सफलता मिली।

    यह भी बताया गया है कि प्रयागराज कमिश्नरेट और महाकुंभ मेला पुलिस की ओर से लगतार अलग-अलग दिनों में सर्च आपरेशन भी चलाए जा रहे थे। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन जांच हो रही थी। ऐसे में आतंकी कौशांबी से आगे बढ़ने के बाद प्रयागराज में दाखिल नहीं हो पाया।

    ये भी पढ़ें - 

    सिम कार्ड नहीं था, वाईफाई के जरिए करता था कॉल; पुलिस ने खालिस्तानी आतंकी लाजर मसीह के खोले कई राज