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    Chandra Grahan 2026 : 3 मार्च को चंद्रमा बनेगा ‘ब्लड मून’, राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव, ग्रहण में क्या करें-क्या न करें?

    By Sharad Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Mon, 02 Mar 2026 04:55 PM (IST)

    Chandra Grahan 2026 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाएगा। भारत में यह शाम को दिखाई देगा और इसका सूतक काल सुबह 6.20 बजे से शुर ...और पढ़ें

    Chandra Grahan 2026 प्रयागराज के ज्योतिषियों ने चंद्रग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताई।

    Chandra Grahan 2026 प्रयागराज के ज्योतिषियों ने चंद्रग्रहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताई।

    HighLights

    1. सुबह 6.20 बजे से लगेगा सूतक, बंद होंगे मंदिरों के कपाट

    2. भारत में शाम 5.59 से 6.47 बजे तक रहेगा चंद्रग्रहण

    3. सूतक काल में रंग खेलना, अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। Chandra Grahan 2026 होलिका दहन आज सोमवार देर रात होगा। इसके अगले दिन अर्थात मंगलवार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। पृथ्वी की छाया पूरी तरह चंद्रमा पर पड़ेगी। इसकी वजह से चंद्रमा कुछ समय के लिए गहरे लाल रंग का दिखाई देगा। इसकी वजह से इसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।

    ग्रहण के कारण कल नहीं खेला जाएगा रंग 

    Chandra Grahan 2026 ग्रहण की वजह से 3 मार्च को दिनभर रंग नहीं खेला जाएगा। चंद्र ग्रहण दोपहर 3.20 बजे से शुरू होगा। यह भारत में चंद्रोदय के साथ दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक काल सुबह 6.20 बजे से लग जाएगा। सूतक काल में जप, तप, हवन और मंत्र जाप, संकीर्तन किया जाता है। रंग खेलना व अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते।

    भारत में शाम 5.59 से 6.47 बजे तक चंद्रग्रहण

    Chandra Grahan 2026 ज्याेतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार मंगलवार की शाम 6.05 बजे चंद्रोदय होगा। भारत में शाम 5.59 से 6.47 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। चंद्रोदय के बाद ही ग्रहण दिखाई पड़ेगा। ग्रहण का सूतक लगने पर मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे। इसमें मूर्ति स्पर्श नहीं किया जाता। ग्रहण समाप्त होने पर धुलाई करने के बाद मंदिरों के पट दर्शन-पूजन के लिए खुलेंगे।

    चंद्र ग्रहण का विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव

    Chandra Grahan 2026 उन्होंने बताया कि तुला, वृश्चिक, मीन व मिथुन राशि के लिए चंद्रग्रहण का अच्छा प्रभाव रहेगा। वहीं, सिंह को शारीरिक कष्ट, मेष को चिंता, वृष को व्यथा, कर्क को क्षति, कन्या को हानि, धनु को सम्मान का नाश, मकर को कष्ट और कुंभ राशि वाले लोगों को स्त्री पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है।    

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    मन को रखें शांत, करें जप

    पाराशर ज्योतिष संस्थान के निदेशक आचार्य विद्याकांत पांडेय के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय मन को शांत रखना चाहिए। घर में शांति रखकर आराध्य का ध्यान, भजन-कीर्तन करना चाहिए। इसे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। ''ऊं नमः शिवाय'', ''महामृत्युंजय मंत्र'' अथवा गुरु से मिले मंत्रों का जप करना फलदायी होता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई करके स्नान करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को दान देना शुभ फल प्रदान करता है। भोजन व खाने-पीने की सामग्री में तुलसी की पत्ती अथवा कुश डालकर रखना चाहिए। इससे वह दूषित नहीं होतीं। 

    ग्रहण के दौरान यह न करें

    - चंद्रग्रहण और सूतक काल में मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।

    - चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा की किरणें अशुद्ध हो जाती हैं। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

    - ग्रहण के दौरान चंद्रमा को न देखें।

    - गर्भवती महिलाएं नुकीली वस्तुओं के प्रयोग न करें।

    - ग्रहण काल में भोजन पकाना और खाना वर्जित होता है। बीमार, छोटे बच्चे व बुजुर्ग भोजन कर सकते हैं।

    - ग्रहण काल में मूर्तियों को नहीं छूना चाहिए।

    - ग्रहण के दौरान तुलसी जैसे पवित्र पौधों को नहीं छूना चाहिए।

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