दिल्ली में फर्जी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट खोलकर बेचते थे जाली डिग्री-मार्कशीट, प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस ने 2 को भेजा जेल
प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग दिल्ली में फर्जी मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट ...और पढ़ें

प्रयागराज साइबर क्राइम पुलिस की गिरफ्त में फर्जी डिग्री, मार्कशीट बेचने के आरोपित। साभार : पुलिस
HighLights
संचालक और उसके सहयोगी को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया
यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट पर डिग्री को अपलोड करके दूर करते थे भ्रम
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की कूटरचित वेबसाइट बनाने और फर्जी डिग्री, मार्कशीट बेचने के मामले में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। पता चला है कि शशि प्रकाश राय गिरोह का सदस्य मो. राशिद दिल्ली के लक्ष्मी नगर पते पर नाइम नाम से आनलाइन ही फर्जी मैनेजमेंट स्कूल खोलकर जाली डिग्री, मार्कशीट बेचता था।
फर्जी वेबसाइट पर अपलोड करवाते थे
उसका साथी समीर शशि प्रकाश की मदद से दूसरे विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री बनवाकर बेचता था। इतना ही नहीं, जाली डिग्री व मार्कशीट खरीदने वाले छात्र, छात्राओं, अभिभावकों, शैक्षणिक संस्थाओं का भ्रम दूर करने के लिए उसे फर्जी वेबसाइट पर अपलोड करवा देते थे।
इनकी हुई गिरफ्तारी
साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार राशिद व समीर को सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। राशिद मूलरूप से हरसौली, शाहपुर मुजफ्फरनगर और समीर ईदगाह कालोनी, पक्काघाट बागपत का निवासी है। दोनों दिल्ली के लक्ष्मी नगर में रहकर फर्जी डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन बेचने का काम कर रहे थे।
मुकदमा दर्ज कराया गया था
बीते साल यूपी बोर्ड की ओर कूटरचित वेबसाइट बनाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से साइबर ठगी की आशंका जताते हुए साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस ने आजमगढ़ निवासी काल सेंटर संचालक शशि प्रकाश राय, उसके रिश्तेदार मनीष राय को गिरफ्तार करते हुए फर्जी डिग्री, मार्कशीट बेचने वाले गिरोह को भंडाफोड़ किया था।
खबरें और भी
पहले भी फर्जी डिग्री मामले में जा चुके हैं जेल
इसके बाद गाजियाबाद के सत्येंद्र बर्नवाल, लखनऊ के मोनू गुप्ता और आजगढ़ के फार्मेसी संचालक मंगेश की भी गिरफ्तारी की गई। अभियुक्तों के बयान और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो शशि प्रकाश राय के गिरोह में शामिल राशिद व समीर का पता चला। तब साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम, इंस्पेक्टर मो. आलमगीर, दारोगा राहुल कुमार व दीपक भाटी की टीम ने घेरेबंदी करके दोनों को दबोच लिया। वह बागपत से पहले भी फर्जी डिग्री के मामले में जेल जा चुके हैं।
यह हुई बरामदगी
अभियुक्तों के कब्जे से 190 फर्जी डिग्री, डिप्लोमा, माइग्रेशन, (हिमालयन गढ़वाल, वीर बहादुर सिंह जौनपुर सहित अन्य यूनिवसिर्टी), लैपटाप, फर्जी मुहर, 98 होलाेग्राम, पेनड्राइव, चार मोबाइल, सात सिमकार्ड बरामद किया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी जुटाते हुए तलाश कर रही है।