गाजीपुर के हत्याभियुक्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिली, 16 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजीपुर के खानपुर थाने में दर्ज हत्या के मामले में अभियुक्त साहिल उर्फ बिल्लू को सशर्त ...और पढ़ें

इलाहाबाद उच्च न्यायालय।
HighLights
अभियुक्त को साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने, मुकदमे में सहयोग करने की शर्त माननी होगी
गाजीपुर जनपद के खानपुर थाने में अभियुक्त साहिल उर्फ बिल्लू के खिलाफ दर्ज है मामला
विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गाजीपुर जिले के थाना खानपुर में दर्ज हत्या मामले में अभियुक्त साहिल उर्फ बिल्लू को सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने यह आदेश दिया है। अभियुक्त साहिल उर्फ बिल्लू 16 अप्रैल 2025 से जेल में बंद है।
याची के वकील ने बताया- झूठा फंसाया गया है
याची के अधिवक्ता अक्षय सिंह रघुवंशी ने कोर्ट को बताया कि झूठा फंसाया गया है। अभियुक्त के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी भी नहीं है और एफआइआर बिना ठोस सबूत के सुनी-सुनाई बातों के आधार पर दर्ज की गई है। सह अभियुक्त अल्ताब उर्फ गुड्डू, इसरार, मेराज और अंकित सोनकर को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इसलिए याची को भी जमानत पर रिहा किया जाए।
सरकारी अधिवक्ता ने दिया तर्क
सरकारी अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि जांच में यह सामने आया है कि अभियुक्त के पिता अल्ताब उर्फ गुड्डू की मृतक से दुश्मनी थी। उन्होंने अभियुक्त व अन्य सह-अभियुक्तों को अपराध करने के लिए उकसाया।
न्यायालय ने जमानत मंजूर की
न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के कपिल वधावन बनाम सीबीआइ तथा इलाहाबाद हाई कोर्ट के माया तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णयों का हवाला देते हुए जेलों में भीड़भाड़ और ट्रायल कोर्ट में मामलों की अत्यधिक लंबितता को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की।
कोर्ट ने अभियुक्त को शर्तें मानने का दिया आदेश
कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त को एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और दो जमानतदार प्रस्तुत करने होंगे। साथ ही उसे साक्ष्य से छेड़छाड़ न करने, मुकदमे में सहयोग करने और कोई नया अपराध न करने की शर्तों का पालन करना होगा।
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