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    माफिया अतीक अहमद के गुर्गों से मुक्त कराई भूमि पर बनेगा छात्रावास व ईडी भवन, 80 करोड़ की जमीन पर था कब्जा

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 15 Feb 2026 07:14 PM (IST)

    प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के कब्जे से छुड़ाई गई 80 करोड़ की जमीन पर महिला छात्रावास और ईडी भवन बनेगा। प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। ...और पढ़ें

    माफिया अतीक अहमद के गुर्गों से मुक्त भूमि पर प्रयागराज में महिला छात्रावास और ईडी भवन बनाया जाएगा।

    माफिया अतीक अहमद के गुर्गों से मुक्त भूमि पर प्रयागराज में महिला छात्रावास और ईडी भवन बनाया जाएगा।

    HighLights

    1. जीएसटी भवन समेत अन्य विभागों को जमीन को देने का तैयार हो चुका है प्रस्ताव

    2. माफिया अतीक अहमद के करीबियों ने करोड़ों की जमीन पर किया था अवैध कब्जा

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के नसीरपुर सिलना गांव में माफिया अतीक अहमद के गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर महिला हास्टल और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) व जीएसटी के भवन बनेंगे। इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार हो गया है। नसीरपुर सिलना गांव में पांच अन्य सरकारी विभागों को भी जमीन देने का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।

    शहर पश्चिमी क्षेत्र के नसीरपुर सिलना गांव में 14 गाटों के 38 बीघा जमीन के दस्तावेजों में हेरफेर कर माफिया के करीबियों ने कब्जा कर लिया था। सभी जमीन ग्राम सभा की थी। इसकी शिकायत होने पर डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एसडीएम सदर अभिषेक कुमार सिंह ने जांच कराई। लगभग दो माह तक चली जांच में माफिया व उसके गुर्गों की करतूतें सामने आ गईं।

    खास-खास

    - 38 बीघा के करीब भूमि पर वर्षों पहले किया गया था अवैध कब्जा

    - 5 सरकारी विभागों को भी जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया तेज

    उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली के तहत न्यायालय उपजिलाधिकारी सदर ने सभी 14 गाटों की लगभग 38 बीघा जमीन की कार्यवाही शुरू कराई तो पता चला कि पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा था। इन गाटों की भूमि की कीमत लगभग 80 करोड़ रुपये अधिकारियों द्वारा बताई गई है। सभी जमीन के खातेदारों के नाम निरस्त कर न्यायालय उप जिलाधिकारी सदर ने ग्राम सभा के पक्ष में दर्ज करा दिया।

    इसके साथ ही पूरी जमीन को कब्जा मुक्त भी करा दिया गया। यह जमीन अमानउल्ला, एकबाल अहमद, गुलाम गौस, इश्तियाक अहमद व मोहम्मद बिटनिया के नाम दर्ज थी। एडीएम नजूल व मुख्य राजस्व अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने ने बताया कि कब्जा मुक्त कराई गई जमीनों को सरकारी विभागों के भवन बनेंगे। उन्होंने बताया कि महिला हास्टल के साथ ही ईडी तथा जीएसटी भवन के लिए जमीन देने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है।

    खबरें और भी

    महिला हास्टल के लिए धनराशि भी शासन से जारी हो चुकी है, जिसके लिए जमीन की तलाश की जा रही थी। विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग व पंचायती राज विभाग समेत अन्य विभागों को भी इन्हीं गाटों की जमीन दी जाएगी, जिनके कार्यालय समेत अन्य भवन बनाए जाएंगे।