अराजक खनन-मूक व्यवस्था : प्रयागराज–कौशांबी में सीमा की आड़ में खनन का खेल, सफेदपोश संरक्षण में फल-फूल रहा
प्रयागराज और कौशांबी की सीमा की आड़ में अवैध बालू खनन का कारोबार फल-फूल रहा है। सीमा विवाद और प्रशासनिक खामियों का फायदा उठाकर माफिया बेखौफ खनन कर रहे ...और पढ़ें

मझियारी प्रयागराज के पट्टे पर खनन नेवादा के ब्यूर गांव कौशांबी में हो रहा है। जागरण
HighLights
दोनों जनपदों सीमा पर प्रशासनिक खामियों का खनन माफिया उठा रहे फायदा
तय हिस्सेदारी के सहारे बेखौफ फल-फूल रहा बालू के अवैध खनन का कारोबार
जागरण संवाददाता, प्रयागराज/कौशांबी। प्रयागराज और कौशांबी की सीमा पर स्थित घाट इन दिनों अवैध बालू खनन के सबसे सुरक्षित ठिकाने बन चुके हैं। कारण साफ है, सीमा विवाद और अधिकार क्षेत्र की अस्पष्टता। जिसका फायदा उठाकर माफिया प्रशासनिक ढांचे को धता बता रहे हैं। मझियारी, नौढ़िया, सेमरी, मैनापुर और मदारीपुर जैसे इलाकों में खनन का तरीका यह बताता है कि पूरा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा है।
'बार्डर माडल' ने कार्रवाई को निष्प्रभावी बनाया
एक जिले में खनन, दूसरे जिले के घाट से परिवहन और तीसरे स्थान पर भंडारण इस 'बार्डर माडल' ने कार्रवाई को लगभग निष्प्रभावी बना दिया है। गंभीर पहलू यह है कि इन घाटों पर रात के समय एक 'प्राइवेट सिस्टम' चलता है, जिसमें स्थानीय थाना से जुड़े लोग गाड़ियों की गिनती तक करते हैं। अगली सुबह तय हिस्सेदारी संबंधित लोगों तक पहुंचा दी जाती है। यह संकेत देता है कि पूरा खेल केवल माफिया तक सीमित नहीं, बल्कि इसमें सफेदपोश नेताओं से लेकर विभागीय और स्थानीय प्रशासन तक की मिलीभगत है।

चिंतित करने वाले आंकड़े
सबसे ज्यादा यमुना में 21 स्थानों पर माफिया करा रहे बालू का खनन, बिगड़ रहा नदी का स्वरूप
प्रयागराज-कौशांबी की सीमा पर छह स्थानों पर यमुना में बेतहाशा बालू खनन
लालापुर की ओर नदी में कराया जा रहा अवैध खनन, कौशांबी तरफ परिवहन
यहां मशीनों से लगातार हो रहा खनन
लालपुर के प्रतापपुर, भिलोर, नौढ़िया, अमिलिया, मझियारी और मानपुर जैसे घाटों पर पिछले पांच महीनों से मशीनों के जरिए लगातार खनन हो रहा है। सीमा पर स्थित होने के कारण बारा और चायल तहसील प्रशासन जिम्मेदारी से बचता नजर आता है, जिससे माफिया को खुली छूट मिल गई है। अब हालात यह हैं कि कार्रवाई के डर से खनन का समय बदल गया है, दिन की बजाय रात में यह धंधा चरम पर होता है। भोर तक सैकड़ों ट्रक और डंपर बालू ढोते नजर आते हैं। यही हाल गंगा के साथ टोंस और बेलन का भी है।
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सबसे ज्यादा यमुना में अवैध बालू का खनन
प्रयागराज में गंगा, यमुना, टोंस और बेलन नदियों में बालू खनन का पट्टा 12 स्थानों के लिए दिया गया है तो 42 स्थानों पर अवैध रूप से बालू का खनन कराया जा रहा है। सबसे ज्यादा यमुना में अवैध बालू का खनन कराया जा रहा है। इसके कारण नदी का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। यमुना में नैनी के मड़ौका, बसवार से लेकर लालापुर के मझियारी तक अवैध बालू खनन हो रहा है। बालू के खनन और परिवहन के लिए माफिया का इसके लिए सिंडिकेट बन गया है।
खास-खास
4 घाट प्रयागराज के और 7 घाटा कौशांबी के वैध, यहां धारा के बाहर खनन का पट्टा
1500 नावों से निकलवाया जा रहा बालू, सैकड़ों ट्रकों-डंपरों से परिवहन
प्रयागराज में 8 खनन पट्टा गंगा की बालू खनन के लिए हुए हैं, 42 स्थानों पर हो रहा खनन
बीच नदी में नावें लगाई गई हैं
यमुना में सिर्फ चार स्थानों पर पट्टा खनन विभाग ने दिया है। ये पट्टा नदी के बाहर बालू निकालने का है मगर ज्यादातर स्थानों पर नदी के बीच धारा में अवैध रूप से खनन कराया जा रहा है। नैनी के महेवा, मड़ौका, बसवार व मोहब्बतगंज के सामने यमुना के बीच में व्यापक पैमाने पर बालू का अवैध खनन कराया जा रहा है। इन स्थानों पर बीच नदी में नावें लगाई गई हैं, जिससे श्रमिक भोर से ही बालू निकालना शुरू कर देतेे हैं और शाम तक निकालते हैं।
शहर के इन इलाकों में अवैध खनन
इसके अलावा घूरपुर के पालपुर, बीकर, कंजासा, कैनुआ, बिरवल, जगदीशपुर तथा लालापुर थाना क्षेत्र के कचरा, मझियारी, अमिलिया, सेमरी, भिलोर, व प्रतापपुर में भी नदी के अंदर से बालू निकाला जा रहा है। शहर में सदर तहसील क्षेत्र में करेली थाने के करेहदा, बिसौना, फुलवा, असरावे में बालू का अवैध खनन हो रहा है। इन दिनों सबसे ज्यादा बालू का खनन भिलोर, मझियारी में कराया जा रहा है। भिलोर में तो खनन के साथ ही परिवहन भी गांव की ओर हो रहा है जबकि मझियारी में गांव की ओर ही खनन कराया जा रहा है मगर परिवहन कौशांबी की तरफ से हो रहा है।
माफिया ऐसे करा रहे बालू का अवैध खनन
- मझियारी में खनन कराकर बालू का परिवहन कौशांबी के सैदपुर घाट से किया जाता है। वहीं खनन कौशांबी की सीमा में भी करते हैं।
- प्रयागराज लालापुर थाना क्षेत्र के नौढ़िया में नाव के जरिए अवैध खनन कराकर परिवहन कौशांबी के सैदपुर घाट के रास्ते हो रहा है।
- लालापुर के सेमरी घाट पहले पट्टा था लेकिन घाट को सरेंडर करके अवैध रूप से खनन कर परिवहन कौशांबी के तिल्हापुर घाट से किया जा रहा है।
- प्रयागराज एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के मैनापुर, मदारीपुर में खनन कराकर भंडारण कौशांबी जिले के गांवों में कराया जा रहा है।
तहसील कौशांबी की, थाना प्रयागराज के
कौशांबी के चायल तहसील के ऐसे कई गांव हैं, जहां यमुना में बालू का अवैध खनन कराया जा रहा है, जबकि ये गांव प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में आते हैं। चायल तहसील का जलालपुर भर्ती गांव का थाना एयरपोर्ट लगता है। वहीं चायल तहसील का तारापुर पंसारा गांव का थाना भी एयरपोर्ट ही है।