विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारतीय रेलवे लाया है गजब की नौकरी, डीपीआर में कमी बताने पर हर दिन मिलेगी एक लाख रुपये मेहनताना राशि

By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 12 Feb 2026 12:47 PM (IST)

भारतीय रेलवे ने परियोजनाओं में देरी और खर्च को नियंत्रित करने के लिए एक अनूठी पहल की है। सेवानिवृत्त वरिष्ठ ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे बड़े प्रोजेक्ट के डीपीआर की समीक्षा सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों से कराएगा, आकर्षक मेहनताना राशि भी देगा।

भारतीय रेलवे बड़े प्रोजेक्ट के डीपीआर की समीक्षा सेवानिवृत्त अनुभवी अधिकारियों से कराएगा, आकर्षक मेहनताना राशि भी देगा। 

HighLights

  1.  रेलवे ने अपने प्रोजेक्ट्स की लेटलतीफी और बढ़ते खर्च पर लगाम लगाने के लिए उठाया कद।

  2. बड़े निर्माण कार्यों के डीपीआर फाइनल होने से पूर्व रिटायर्ड रेल अधिकारियों की पैनी नजर से गुजरेंग।

  3. अनुभवी पूर्व रेल अधिकारियों को 'सेक्टर एक्सपर्ट' के तौर पर नियुक्त किया जाएगा, मिलेगी राशि

अमरीश मनीष शुक्ल, प्रयागराज। भारतीय रेलवे ने अपने प्रोजेक्ट्स की लेटलतीफी और बढ़ते खर्च पर लगाम लगाने के लिए एक अनोखा और बड़ा कदम उठाया है। अब रेलवे की नई लाइनों और बड़े निर्माण कार्यों की नींव यानी 'डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट' (डीपीआर) को फाइनल करने से पहले रिटायर्ड वरिष्ठ रेल अधिकारियों की पैनी नजर से गुजरना होगा।

पूर्व अधिकारियों को रिपोर्ट की कमियां ढूंढेंगे

इन अनुभवी अधिकारियों को 'सेक्टर एक्सपर्ट' के तौर पर नियुक्त किया जाएगा, जिन्हें उनके बेजोड़ अनुभव के बदले रेलवे एक लाख रुपये प्रतिदिन का भारी-भरकम मेहनताना राशि देगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य बाहरी कंसल्टेंट्स द्वारा बनाई गई रिपोर्ट की कमियों को दूर करना और प्रोजेक्ट की लागत को जमीन पर आने से पहले ही नियंत्रित करना है।

अरबों रुपये बजट भी बढ़ जाता है

रेलवे बोर्ड के इस नए नीतिगत फैसले के पीछे प्रोजेक्ट्स में होने वाली बार-बार की देरी है। अक्सर देखा गया है कि निजी कंसल्टेंट्स द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में तकनीकी खामियां होती हैं, जिससे काम शुरू होने के बाद अलाइनमेंट या डिजाइन बदलना पड़ता है। इससे न केवल समय बर्बाद होता है, बल्कि प्रोजेक्ट का बजट भी अरबों रुपये बढ़ जाता है।

नहीं रहेंगी खामियां, दूर करेंगे विशेषज्ञ

अब इन गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरएसई) के उन रिटायर्ड अधिकारियों को बुलाया जा रहा है, जो कम से कम 75 वर्ष की आयु के हों और जिनके पास रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का लंबा अनुभव हो। इन विशेषज्ञों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे रिपोर्ट की गहराई से जांच करें और देखें कि क्या कहीं फिजूलखर्ची तो नहीं की गई है।

मिलेगा हर दिन एक लाख रुपये मेहनताना

मेहनताने की गणना के लिए रेलवे ने एक पारदर्शी तरीका अपनाया है। मैदानी इलाकों में हर 50 किलोमीटर और पहाड़ी क्षेत्रों में हर 30 किलोमीटर की रिपोर्ट जांचने के लिए एक दिन का समय निर्धारित किया गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी प्रोजेक्ट की लंबाई 110 किलोमीटर है, तो अधिकारी को तीन दिन का मानदेय यानी तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा साइट विजिट के लिए उन्हें यात्रा और परिवहन भत्ता भी वरिष्ठ अधिकारियों के समान ही मिलेगा। इन विशेषज्ञों का चयन एक उच्च स्तरीय कमेटी करेगी, जिसकी सिफारिशों पर जनरल मैनेजर की मंजूरी के बाद उन्हें तीन साल के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा।

क्या करना होगा काम?

एक्सपर्ट्स के काम के दायरे में केवल फाइल पढ़ना ही नहीं, बल्कि साइट पर जाकर अलाइनमेंट, मिट्टी की जांच और पुलों के डिजाइन की बारीकी से जांच करना भी शामिल है। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि स्थानीय लोगों की जरूरतों, जैसे अंडरपास और सुरक्षा मानकों, को रिपोर्ट में सही जगह मिली है या नहीं। यदि एक्सपर्ट को लगता है कि रिपोर्ट में ऐसी चीजें शामिल हैं जिनकी जरूरत नहीं है, तो उन्हें हटाने का सुझाव भी देना होगा।

कड़ी चयन प्रक्रिया और काम का दायरा

इन एक्सपर्ट्स का चयन एक उच्च स्तरीय कमेटी करेगी और जनरल मैनेजर (की मुहर के बाद इन्हें 3 साल के लिए पैनल में रखा जाएगा। इनका काम केवल ऑफिस में बैठकर फाइल देखना नहीं होगा। बल्कि यह ग्राउंड जीरो पर जांच के लिए जाएंगे। एक्सपर्ट्स साइट पर जाकर अलाइनमेंट, पुलों (आरओबी/आरयूबी) के डिजाइन और मिट्टी की जांच की सटीकता को परखेंगे।

यह सुनिश्चित करना भी इन्हीं की जिम्मेदारी होगी

फिजूलखर्ची पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाएंगे। वे उन आइटम्स की पहचान करेंगे जिनकी प्रोजेक्ट में जरूरत नहीं है लेकिन कंसल्टेंट ने बजट बढ़ाने के लिए जोड़ दिए हैं। स्थानीय जरूरतें भी यह देखेंगे। पेड़ों की कटाई कम से कम हो और स्थानीय लोगों के लिए जरूरी अंडरपास या रास्ते न छूटें, यह सुनिश्चित करना भी इन्हीं की जिम्मेदारी होगी।

एनसीआर समेत हर जोन चुनेंगे तीन प्रोजेक्ट

रेलवे बोर्ड ने फिलहाल इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है, जिसके तहत प्रत्येक जोनल रेलवे को तीन प्रोजेक्ट्स चुनने का निर्देश दिया गया है। उत्तर मध्य रेलवे भी तीन प्रोजेक्ट चुनेगा। आगामी छह महीनों के फीडबैक के बाद इस नीति को भविष्य के सभी बड़े रेल प्रोजेक्ट्स के लिए अनिवार्य बना दिया जाएगा।

कब से करेंगे काम?

पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है। सभी जोनल रेलवे को तुरंत अपने 03 प्रोजेक्ट्स चुनने का निर्देश दिया गया है ताकि इस नई पालिसी का ट्रायल शुरू किया जा सके। चूंकि यह एक वार्षिक पैनल प्रक्रिया है, इसलिए जोनल रेलवे जल्द ही अपनी वेबसाइट या अखबारों में विज्ञापन निकालकर इन एक्सपर्ट्स के आवेदन मांगेंगे। आवेदन के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा।

संभवत: 1-2 माह में अधिकारी ग्राउंड पर काम शुरू करेंगे

पैनल बनने और जनरल मैनेजर की मंजूरी मिलते ही 'सेक्टर एक्सपर्ट्स' को प्रोजेक्ट्स की फाइलें सौंप दी जाएंगी। माना जा रहा है कि अगले एक से दो महीनों के भीतर ये अधिकारी ग्राउंड पर काम करना शुरू कर देंगे। बोर्ड ने जोनल रेलवे से कहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के 6 महीने के भीतर इसके नतीजों और फीडबैक से बोर्ड को अवगत कराएं। फिलहाल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले कुछ हफ्तों में अधिकारियों की नियुक्ति और काम शुरू होने की उम्मीद है।

कौन बन सकता है 'सेक्टर एक्सपर्ट', क्या है पात्रता?

इस काम के लिए केवल वे ही रिटायर्ड अधिकारी पात्र होंगे जो भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा (आइआरएसई) के अधिकारी रहे हों और एसएजीG (सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड ) या उससे ऊंचे पद से रिटायर हुए हों। जिनकी उम्र 75 वर्ष से कम हो और उनके पास रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का कम से कम 5 साल का अनुभव हो। जिनका उस प्रोजेक्ट या कंसल्टेंट के साथ कोई निजी हित न हो।

चयन की जान लें प्रक्रिया

रेलवे हर साल अपनी वेबसाइट और अखबारों में विज्ञापन निकाल कर इन एक्सपर्ट्स का पैनल बनाएगी। एक उच्च स्तरीय कमेटी (सीएओ/सी, पीएफए, पीसीई) आवेदनों की जांच करेगी और जनरल मैनेजर (जीएम) की मंजूरी के बाद एक्सपर्ट को 3 साल के लिए पैनल में शामिल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- SSC MTS Havaldar Exam 2025 : बाहर बैठे माफिया ने केंद्र पर कंप्यूटर बंद कराकर कराई नकल, 10 परीक्षार्थियों पर एफआइआर

यह भी पढ़ें- गेहूं के दाम में बंपर वृद्धि, पहली बार 160 रुपये कुंतल बढ़ोतरी, किसानों को उपज का मिल सकेगा बेहतर दाम

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।