भारतीय रेलवे ने क्यों बदला अपना दशकों पुराना पहचान चिह्न? अब Logo में 17 नहीं 18 सितारे चमकेंगे
भारतीय रेलवे ने अपने दशकों पुराने लोगो में बदलाव किया है, अब इसमें 17 की जगह 18 सितारे होंगे। यह परिवर्तन 18वें रेलवे जोन 'साउथ कोस्ट रेलवे' के गठन के ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे का नया लोगो।
HighLights
साउथ कोस्ट रेलवे के गठन के बाद 18 हो गई है जोन की संख्या
अब लोगों में होंगे 18 सितारे, लोगो का अधिकृत प्रारूप जारी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे ने अपने दशकों पुराने पहचान चिह्न (लोगो) में एक बड़ा बदलाव किया है। अब रेलवे के लोगो में 17 के स्थान पर 18 सितारे होंगे। इस बदलाव का मुख्य कारण देश में 18वें रेलवे जोन के रूप में 'साउथ कोस्ट रेलवे' (एससीओआर) का गठन है। भारतीय रेलवे की परंपरा रही है कि लोगो में मौजूद सितारों की संख्या उसके कुल ज़ोन को दर्शाती है। नए ज़ोन के जुड़ने के साथ ही सितारों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी गई है।
नया लोगो एक जून से पूरे देश में लागू हो जाएगा
यह नया लोगो एक जून 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। सभी जोनल रेलवे, प्रोडक्शन यूनिट्स और रेलवे के सार्वजनिक उपक्रमों को इसके लिए रेलवे बोर्ड के उपनिदेशक पीआर संजय कुमार ने 14 मई को आदेश जारी किया गया है। कहा है कि वे सभी पुराने लोगो को बदलकर इस नए स्वरूप को अपनाएं। अब सभी आधिकारिक संचार, स्टेशनरी, प्रकाशनों, साइनबोर्ड, ट्रेनों के डिब्बों और रेलवे के सभी डिजिटल प्लेटफार्म पर केवल 18 सितारों वाला लोगो ही उपयोग किया जाएगा।
नए लोगो का लिंक व क्यूआर कोड भी जारी
सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि वेबसाइट पर नए लोगो का उच्च-गुणवत्ता वाला लिंक और क्यूआर कोड भी जारी किया गया है ताकि इसे सुगमता से डाउनलोड किया जा सके। लोगो में अब सितारों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है।