जून में होंगी कई खगोलीय घटनाएं: बेहद करीब आएंगे शुक्र और बृहस्पति ग्रह, दिखेगा Strawberry Moon
जून माह में कई खगोलीय घटनाएं होंगी, जिनमें 8-9 जून को शुक्र-बृहस्पति की युति और 29 जून को स्ट्रॉबेरी मून प्रमुख हैं। ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड तस्वीर

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जून में कई खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं। आठ और नौ जून को शुक्र व बृहस्पति की युति अर्थात दोनों चमकदार ग्रह साथ पश्चिम दिशा में नजर आएंगे। वे इतने करीब होंगे कि मानो उन्हें अलग किया जा रहा हो। प्रतीत होगा कि वे सिर्फ हमारे हाथ की लंबाई के अंतराल पर हों।
वर्तमान में शुक्र सूर्यास्त के बाद आकाश में अधिक ऊंचाई पर जा रहा है जबकि बृहस्पति सूर्य के करीब आकाश में नीचे की ओर जा रहा है। नौ जून को दोनों ग्रह एक दूसरे को पार करेंगे और एक दूसरे के बहुत करीब होंगे। ग्रहों का यह संयोजन खगोलविदों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
बृहस्पति को सूर्य की परिक्रमा करने में 12 वर्ष लगते हैं और शुक्र को 224 दिन, इसलिए दोनों ग्रहों का संयोजन 10 से 15 महीने में एक बार होगा। हालांकि दोनों ग्रहों के बीच की दूरी अधिक है, फिर भी वे आकाश में अगल-बगल प्रतीत होंगे।
29 जून को पूर्णिमा है। इस समय आकाश में चंद्रमा की स्थिति सूर्य के ठीक विपरीत होगी। वह सूर्य की किरणों से प्रकाशित रहेगा। इस चंद्रमा को स्ट्राबेरी मून कहा जाता है। यह उस समय को दर्शाता है जब अमेरिकी कबीले के लोग पके फलों की कटाई करते हैं।
स्ट्राबेरी भी इसी समय पकती है और एल्गोनक्वियन जनजातियां तोड़ती हैं। इस चंद्रमा के और भी नाम हैं जैसे बेरीज़ राइपन मून अर्थात बेरी पकने वाला चंद्रमा। चेरोकी लोग ग्रीन कार्न मून कहते हैं अर्थात हरा मक्का वाला चंद्रमा, लिंगिट लोग बर्थ मून अर्थात जन्म वाला चंद्रमा की संज्ञा देते हैं।
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इसी क्रम में जुलाई के चंद्रमा को बक मून कहा जाता है। जवाहर तारामंडल की विज्ञानी सुरूर फातिमा के अनुसार जून की पूर्णिमा का चंद्रमा अपने मार्ग में सबसे नीचे से गुज़रता है, ऐसा इसलिए होता है कि ग्रीष्म संक्रांति के बहुत करीब होता है।
सूर्य आकाश में सबसे ऊंचाई पर रहता है। 29 जून को दिखने वाला पूर्ण चंद्रमा धनु तारामंडल के बीच नज़र आएगा, हालांकि चंद्रमा से निकलने वाली किरणें इन तारों की चमक फीकी कर देंगी।
21 जून को वर्ष का सबसे बड़ा दिन
21 जून को ग्रीष्मकालीन संक्रांति है। इस दिन वर्ष का सब से बड़ा दिन होगा। सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर रहेगा। इससे पहले 10 जून को चंद्रमा शनि के निकट, 12 को मंगल के निकट, 16 को बुध और 17 को शुक्र व बृहस्पति के करीब दिखाई देगा।
वर्तमान में सूर्य वृषभ राशि में है जो 21 जून को मिथुन राशि के तारों के बीच पहुंचेगा। बुध को भी इसी तारामंडल के बीच देख सकते हैं। शुक्र कर्क राशि के बीच रात 9:35 बजे तक देखा जा सकता है जबकि मंगल वृष राशि के तारों के बीच भाेर में तीन बजे उदय हो रहा है। शनि को मीन राशि के तारों के बीच रात में 12:48 बजे तक देख सकेंगे।
दस जून को एरिएटिड्स उल्का बारिश
इसी महीने एरिएटिड्स उल्का बारिश को देख सकेंगे। इसके लिए सब से अच्छा समय 10 जून की रात है, हालांकि इसकी शुरुआत 22 मई से हो चुकी है, तीन जुलाई तक चलेगी। दस जून को अधिक उल्का गिरने के कारण देखना आसान होगा।
उल्का का विकिरण बिंदु या उद्गम केंद्र मेष तारामंडल के बीच रहेगा। प्रतिघंटे करीब 60 उल्का गिरने का अनुमान है। यह संख्या 200 तक पहुंच सकती है।
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