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    स्कूल ड्रेस पहले व बैग लेकर कानपुर की 4 छात्राएं ट्रेन से जा रही थीं उज्जैन, प्रयागराज जंक्शन पर RPF ने किया रेस्क्यू

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sat, 16 May 2026 05:15 PM (GMT+05:30)

    कानपुर के जाजमऊ से स्कूल के लिए निकलीं कक्षा सात की चार छात्राएं रहस्यमय तरीके से गायब हो गईं। उन्हें प्रयागराज जंक्शन पर आरपीएफ ने सकुशल बरामद किया, ...और पढ़ें

    प्रयागराज आरपीएफ के संरक्षण में ट्रेन से उज्जैन जा रहीं कानपुर की चार छात्राएं। सौ. आरपीएफ

    प्रयागराज आरपीएफ के संरक्षण में ट्रेन से उज्जैन जा रहीं कानपुर की चार छात्राएं। सौ. आरपीएफ

    HighLights

    1. कानपुर के जाजमऊ इलाके से अचानक गायब हो गई थीं कक्षा सात की चार छात्राएं

    2. स्कूल न जाकर चारों लड़कियां पहुंचीं रेलवे स्टेशन, महाकाल की नगरी जाने की थी चाह 

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्कूल ड्रेस पहले, पीठ पर बस्ता लिए और आंखों में एक अनजान सफर का रोमांच। कानपुर के जाजमऊ इलाके से अचानक रहस्यमयी तरीके से गायब हुई सातवीं कक्षा की चार छात्राओं की कहानी ने गुरुवार की रात उस समय एक बेहद थ्रिलर मोड़ ले लिया, जब प्रयागराज जंक्शन पर हाई-अलर्ट के बीच उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। ये बच्चियां घर से स्कूल के लिए निकली थीं, लेकिन पहुंच गईं सीधे रेलवे स्टेशन! वजह? वे महाकाल की नगरी उज्जैन जाना चाहती थीं।

    घर से लेकर थाने तक खलबली

    घटना की शुरुआत कानपुर के जाजमऊ से हुई। जब रोज की तरह स्कूल गई करीब 13 साल की चार छात्राएं काफी देर तक घर नहीं लौटीं, तो स्वजन खोजबीन करने लगे। स्कूल में भी पता किया गया, दोस्तों से पूछताछ हुई। कुछ भी पता न चल पाने पर स्वजन के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने जाजमऊ थाने में मुकदमा दर्ज कराया तो पुलिस ने अलर्ट जारी किया। कानपुर पुलिस ने तुरंत आरपीएफ कंट्रोल रूम को वायरलेस किया। मामला नाबालिग बच्चियों से जुड़ा था, इसलिए महकमे में खलबली मच गई।

    फतेहपुर में ट्रेन से उतर गई थीं 

    कानपुर से प्रयागराज की तरफ आने वाली हर ट्रेन में आरपीएफ खाक छान रही थी, लेकिन बच्चियां कहीं नहीं मिल रही थीं। आरपीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार मीना की टीम ने जब गहराई से तफ्तीश की, तो पता चला कि छात्राएं कानपुर से चली ट्रेन से फतेहपुर स्टेशन पर ही उतर गई थीं। यही वजह थी कि प्रयागराज में जितनी भी ट्रेनों की चेकिंग में वो हाथ नहीं आ रही थीं।

    फतेहपुर से अन्य ट्रेन से प्रयागराज पहुंचीं

    पड़ताल बढ़ी तो यह कन्फर्म हो गया कि बच्चियां किसी ट्रेन से फतेहपुर से प्रयागराज की ओर ही गई हैं। रेलवे के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के लिए टीम हाई अलर्ट पर रखी गई। स्थानीय स्तर पर पुष्टि हुई कि चारों बच्चियां फतेहपुर से दोबारा दूसरी ट्रेन में सवार हो चुकी थीं और उनका अगला पड़ाव प्रयागराज जंक्शन था। 

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    मेरी सहेली टीम ने शुरू की खोजबीन

    प्रयागराज जंक्शन को अलर्ट पर डाल दिया गया। बच्चियों की फोटो कानपुर पुलिस ने साझा की तो उनकी पहचान अब करना आसान था। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें हर आने-जाने वाली ट्रेन पर नजर रखी थीं। जैसे ही ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पर रुकी, चारों बच्चियां खुद ही नीचे उतर गईं। वे प्लेटफार्म संख्या चार-पांच पर घूमती दिखाई दीं, सीसीटीवी मानिटरिंग रूम से आरपीएफ ने वारयलेस पर सबको अलर्ट भेजा।

    महिला कांस्टेबल दुलार कर आरपीएफ पोस्ट ले गई 

    इंस्पेक्टर अमित कुमार मीणा, जीआरपी के उप-निरीक्षक अमित कुमार और हमराह स्टाफ वहां पहुंचे।  छात्राओं को सुरक्षित घेरे में लिया गया। स्टेशन पर किसी भी तरह के डर का माहौल न बने, इसलिए तुरंत आरपीएफ की "मेरी सहेली टीम" की महिला कांस्टेबल प्रियंका देवी को मोर्चे पर लगाया गया। उन्होंने बच्चियों को दुलार कर संभाला और आरपीएफ पोस्ट लेकर आईं।

    उज्जैन जाने का था प्लान

    आरपीएफ पोस्ट पर जब बच्चियों से प्यार से पूछताछ की गई, तो जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया। सातवीं क्लास की ये चारों सहेलियां बिना किसी को बताए सीधे उज्जैन जाने की चाह में ट्रेन में बैठ गई थीं। 

    कानपुर पुलिस व छात्राओं के स्वजन पहुंचे

    उधर छात्राओं के सकुशल बरामददी की सूचना पर कानपुर के जाजमऊ थाने से उप-निरीक्षक अरुण कुमार ओझा, संकल्प पांडे और महिला हेड कांस्टेबल संगीता राजपूत प्रयागराज पहुंची। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उप निरीक्षक तुलसी प्रसाद सरोज ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चारों बच्चियों को उनके स्वजन और कानपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

    ट्रेनों में स्कार्ट को भी सूचित किया गया था 

    इंस्पेक्टर अमित मीना ने बताया कि बच्चियों को फतेहपुर में उतर जाने के कारण परेशान बढ़ गई थी, यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि वह किस ट्रेन में हैं। हमने यह तय किया कि हर स्टेशन पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी, अगर बच्चियां ट्रेन से उतरीं तो तत्काल पता चल जाएगा। इसके वाला ट्रेनों में चल रहे एस्कार्ट को भी सूचनाएं भेजी गई थी कि वह ट्रेन में जांच करें कि क्या चार बच्चियां साथ में यात्रा कर रही हैं।

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