ट्रेनों में सफर होगा और भी सुरक्षित, प्रयागराज-कानपुर रेल रूट पर अगले सप्ताह से शुरू होगा 'कवच'
उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज-कानपुर के बीच 190 किलोमीटर व्यस्त खंड पर स्वदेशी 'कवच' प्रणाली अगले सप्ताह से पूरी तरह चालू करेगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे की 'मेक इन इंडिया' पहल और रेल संरक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। आगामी सप्ताह के भीतर प्रयागराज और कानपुर (दोनों स्टेशनों को छोड़कर) के बीच 190 रूट किलोमीटर के व्यस्त खंड पर स्वदेशी 'कवच' (ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन) प्रणाली को पूर्ण रूप से चालू कर दिया जाएगा।
इस प्रणाली को लागू करने से पहले कड़े तकनीकी और फील्ड ट्रायल किए गए हैं। परीक्षण के दौरान आठ, 16 और 22 एचएचबी कोच वाले डब्ल्यूएपी-सात लोकोमोटिव के साथ-साथ उच्च गति वाली 20-कोच की वंदे भारत रेक का भी गहन परीक्षण किया गया।
यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौरी चौरा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के माध्यम से 20,000 किलोमीटर से अधिक का सफल पैसेंजर ट्रायल पूरा किया जा चुका है।
'कवच' एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक प्रणाली है जो मानवीय त्रुटियों को शून्य करने में सहायक है। यदि लोको पायलट लाल सिग्नल की अनदेखी करता है, तो यह सिस्टम स्वतः सक्रिय हो जाता है। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन होने या आमने-सामने की टक्कर की स्थिति में यह प्रणाली स्वचालित रूप से आपातकालीन ब्रेक लगा देती है।
यह लोकोमोटिव की गति और आवश्यक ब्रेकिंग दूरी की निरंतर निगरानी करता है। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यह मील का पत्थर उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व और प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर सत्येंद्र कुमार के तकनीकी मार्गदर्शन में प्राप्त किया गया है।
विभाग की टीम के आपसी समन्वय से अब इस व्यस्त रूट पर रेल संचालन पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल हो जाएगा।
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