यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maha Kumbh 2025: ISRO ने जारी की महाकुंभ की अद्भुत तस्वीरें, स्पेस से दिख रहा कुछ ऐसा नजारा
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने महाकुंभ की दो तरह की सेटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं। इन तस्वीरों में महाकुंभ से पहले प्रयागराज संगम की स्थिति और ...और पढ़ें

HighLights
- सेटेलाइट से अलग-अलग ली गई तस्वीरें
- यूपी सरकार कर रही तस्वीरों का उपयोग
एजेंसी, महाकुंभ नगर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को महाकुंभ की दो तरह की सेटेलाइट तस्वीरें जारी की, जिसमें यह दिखाया कि महाकुंभ से पहले प्रयागराज संगम कैसा दिखता था और अब महाकुंभ के आयोजन के यहां टेंट सिटी की बसने और संगम में करोड़ों श्रद्धालुओं के कुंभ स्नान के दौरान क्या दृश्य दिखा।
दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाने वाला महाकुंभ 12 साल के अंतराल पर प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 45 दिनों तक आयोजित किया गया है। इस महाकुंभ में अब तक आठ करोड़ श्रद्धालुओं ने कुंभ में पुण्य की डुबकी लगाई।
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उत्तर प्रदेश प्रशासन भी छवियों का कर रहा उपयोग
इसरो ने बताया, ‘ईओएस-04 (आरआईसैट-1ए) 'सी' बैंड माइक्रोवेव सेटेलाइट की टाइम सीरीज तस्वीरें 15 सितंबर 2023 और 29 दिसंबर 2024 की हैं, जो महा कुंभ मेला 2025 के लिए स्थापित किए जाने वाले टेंट सिटी के विवरण के साथ-साथ इसके पोंटून पुलों और सहायक बुनियादी ढांचे के नेटवर्क पर अद्वितीय जानकारी प्रदान करती हैं।’
एनआरएससी के निदेशक डॉ. प्रकाश चौहान ने कहा कि रडार सेट का उपयोग इसलिए किया गया, क्योंकि यह प्रयागराज को घेरने वाले बादलों के माध्यम से क्षेत्र की छवि ले सकता था। उत्तर प्रदेश प्रशासन कथित तौर पर मेले में होने वाली आपदाओं और भगदड़ को कम करने के लिए इन छवियों का उपयोग कर रहा है।
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शिवालय पार्क की तस्वीर भी शामिल
सेटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीरों में प्रयागराज में ही बनने वाला शिवालय पार्क की तस्वीर भी शामिल है, जो 12 एकड़ की जमीन पर भारत के नक्शे के समान तैयार किया जा रहा है। यह पार्क महाकुंभ के बड़े आकर्षक केन्द्रों में से एक है। शिवालय पार्क की तस्वीरें तीन तारीखों पर ली गई हैं, जिन्हें राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनएसआरसी) की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।
इसके साथ ही त्रिवेणी संगम की टाइम सीरीज तस्वीरें भी साझा की गई हैं, जिसमें सितंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक के अंतर को दिखाया गया है। इसके अलावा, टाइम सीरीज तस्वीरों में प्रयागराज संगम की भी तस्वीरें भी ली गई हैं, जिनमें गंगा पर बने पीपा पुल भी कतारबद्ध नजर आ रहे हैं।