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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maha Kumbh 2025: भगदड़ के बाद मेला क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव, घाटों पर भीड़ प्रबंधन के लिए बनाया ये प्‍लान

    Updated: Fri, 31 Jan 2025 07:15 PM (IST)

    Maha Kumbh 2025 महाकुंभ मेले में हुई भगदड़ के बाद मेला क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब सभी प्रवेश मार्ग पर सिविल पुलिस के साथ पैरामिलिट ...और पढ़ें

    Maha Kumbh 2025: महाकुंभ भगदड़ में गई थी 30 श्रद्धालुओं की जान। जागरण
    Maha Kumbh 2025: महाकुंभ भगदड़ में गई थी 30 श्रद्धालुओं की जान। जागरण

    HighLights

    1. मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा होगी सुनिश्चित
    2. 30 श्रद्धालुओं की मौत के बाद मेला क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव

    जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर । Maha Kumbh 2025: संगम तट के पास हुई भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत के बाद मेला क्षेत्र की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब सभी प्रवेश मार्ग पर सिविल पुलिस के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही एकल मार्ग से स्नानार्थियों का आवागमन होगा।

    प्रत्येक मार्ग पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। संगम और दूसरे स्नान घाटों पर भी भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत समुचित उपाय किए जा रहे हैं। ताकि वसंत पंचमी से पहले व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ़ बनाया जा सके।

    मौनी अमावस्‍या स्‍नान पर हुई थी भगदड़

    महाकुंभ मेला आरंभ होने से पहले संगम तक जाने के लिए काली मार्ग और आने के लिए त्रिवेणी मार्ग को निर्धारित किया गया था। शहर के बांगड़ धर्मशाला, जीटी जवाहर और अलोपीबाग की तरफ से श्रद्धालुओं को काली मार्ग पर भेजा जा रहा था। मगर मौनी अमावस्या से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ काली सड़क छोड़कर जहां-जहां से कट मिला, उधर से प्रवेश करते हुए दूसरे मार्ग पर पहुंच गए।

    अमृत स्नान से पहले स्थिति यह हुई कि सभी मार्गों से श्रद्धालु संगम तक की ओर पहुंचने लगे और कई स्थानों पर लगी बैरिकेडिंग तोड़ डाली थी। अब आगामी मुख्य स्नान पर्व पर ऐसी स्थिति निर्मित न हो, इसके लिए मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्ग पर पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को तैनात कर दिया गया है।

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    बैरिकेडिंग लगाकर कुछ मार्गों को किया एकल

    काली और त्रिवेणी मार्ग के अलावा संगम क्षेत्र में भी बैरिकेडिंग लगाकर कुछ मार्गों को एकल किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु आसानी से संगम तट पर स्नान कर सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मेला क्षेत्र के साथ ही झूंसी, फाफामऊ और नैनी की तरफ के स्नान घाटों पर भी स्नानार्थियों की सुविधा व सुरक्षा को देखते हुए बेहतर प्रबंध किया जा रहा है।

    ट्रैफिक व्यवस्था को अतिरिक्त जवानों की तैनाती

    मेला क्षेत्र में सुगम और सुरक्षित यातायात के लिए सिविल व ट्रैफिक के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है। विशेषकर ऐसे मार्ग जहां पर श्रद्धालुओं को अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। संगम तट, स्नान घाट, शिविर जाने वाले रास्ते के सभी चौराहों पर भी पुलिस मौजूद रहेगी।

    श्रद्धालुओं के वापसी मार्ग पर जवानों की ड्यूटी लगाई गई है, जो ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य स्थान के बारे में जानकारी दे सकेंगे।

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