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    हर-हर महादेव के उद्घोष से संगम में पुण्य की डुबकी, महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ ही 43 दिन के माघ मेला का आज समापन

    By Gyanendra Singh Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 15 Feb 2026 12:47 PM (IST)

    प्रयागराज में महाशिवरात्रि के अवसर पर संगम में आस्था का सैलाब उमड़ा। हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और भगवान शिव की आराधना की ...और पढ़ें

    महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर प्रयागराज संगम में स्नान करने के लिए जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। जागरण

    महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर प्रयागराज संगम में स्नान करने के लिए जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। जागरण

    HighLights

    1. स्नान घाटों से लेकर शिवालयों तक मजिस्ट्रेटों के साथ लगाई पुलिस की ड्यूटी

    2. एक दिन पहले ही सज गए थे शिवालय, महिला व पुरुष की अलग-अलग लगी कतारें

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघ मेला के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर पावन संगम शनिवार रात से ही श्रद्धा, आस्था और उल्लास में डूब गया है। भारी संख्या में संत व श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन हैं। महाशिवरात्रि पर रविवार को संगम में डुबकी लगाने के बाद जलाभिषेक कर भगवान शिव की आराधना हो रही है। सुबह 10 बजे तक लगभग 21 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके थे। मेला प्रशासन ने इस पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की सभी तैयारियां की हैं। इस स्नान पर्व के साथ ही संगम की रेती पर 43 दिन के माघ मेला का आज समापन हो जाएगा।

    स्नान घाटों व शिवालयों की व्यवस्था मजिस्ट्रेट संभाल रहे

    माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष प्रबंधन किए गए हैं। व्यवस्था संभालने के स्नान घाटों से लेकर शिवालयों तक में मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। उनके साथ पुलिस के अधिकारी भी लगाए गए हैं। शहर तथा आसपास के शिवालय सज गए हैं। मनकामेश्वर मंदिर, नागवासुकि मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर, पड़िला महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

    खास-खास

    - 15 लाख संतों और श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का लगाया गया अनुमान

    - 12 स्नान घाटों को किया तैयार, बिछाया गया पुआल, चेंजिंग रूम कराए गए दुुरस्त

    शिव मंदिरों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी

    शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए महिला और पुरुषों के अलग-अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाए गए हैं। इसके लिए बेरिकेडिंग की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिरों में समितियों ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की है। महाशिवरात्रि को लेकर शहर के प्रमुख बाजारों में रौनक है।

    पूजन सामग्रियों की मांग  

    भगवान भोलेनाथ के अभिषेक व विशेष पूजन के लिए भक्तों ने शनिवार को ही तैयारी कर ली थी। बाजार पूजन सामग्रियों से पट गए हैं। पूजन सामग्री की दुकानों पर शिवलिंग के साथ-साथ बाबा की पोशाक, त्रिशूल और डमरू की मांग अधिक रही। कटरा, चौक, अल्लापुर, बैरहना, कीडगंज, सुलेमसरांय, राजापुर, तेलियरगंज, गोविंदपुर, झलवा में दुकानें शिवभक्ति से जुड़े सामग्रियों से सजी हैं।

    खबरें और भी

    बाजारों में खरीदारों की भीड़

    बाजारों में नर्मदेश्वर और स्फटिक शिवलिंग की खास मांग है। तांबे और पीतल से बने पूजा के बर्तन की भी डिमांड है। तांबे से बने वासुकी नाग, नक्काशीदार त्रिशूल और डमरू भी खूब पसंद जा रहे। काले व सफेद पत्थर के शिवलिंग, नंदीजी, भगवान शिव की पोशाक, डमरू, भस्म और चंदन की खासी खरीदारी हुई।

    क्या कहते हैं मेलाधिकारी?

    मेलाधिकारी ऋषिराज का कहना है कि मेला प्रशासन की मुस्तैदी व बेहतर प्रबंधन के बीच महाशिवरात्रि का अंतिम स्नान पर्व भी कुशलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही माघ मेला की साधना का समापन होगा। स्नान पर्व को लेकर पर्याप्त मात्रा में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तैनात किए गए हैं।

    शहर में कई स्थानों से शिव बरात 

    महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर में कई स्थानों से भव्यता के साथ शिव बरात निकाली जा रही है। कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौक, अतरसुइया, तेलिरयगंज, सुलेमसरांय, अल्लापुर, दारागंज में बरात निकाली जा रही। नैनी में गाजे-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ महाकाल सेवा ट्रस्ट की ओर से बरात निकाली जाएगी तथा शाम को अरैल में आरती स्थल पर भंडारा प्रसाद का आयोजन होगा।

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