फर्जी कॉल लेटर से RPF में चयन की कोशिश करने वाला गिरफ्तार, इंस्टाग्राम दोस्त से बुलावा पत्र लेकर AI से किया था एडिट
प्रयागराज में फर्जी कॉल लेटर से आरपीएफ में भर्ती होने की कोशिश करने वाले रोहित को गिरफ्तार किया गया है। उसने इंस्टाग्राम दोस्त के बुलावा पत्र को AI से ...और पढ़ें

प्रयागराज में धूमनगंज पुलिस की गिरफ्त में आरपीएफ की ट्रेनिंग में सेंधमारी की कोशिश का आरोपित।
HighLights
पीलीभीत निवासी आरोपित के खिलाफ प्रयागराज में आरपीएफ एएसआइ की तहरीर पर कार्रवाई
क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र सूबेदारगंज में नवनियुक्त कांस्टेबल की ट्रेनिंग एक जुलाई 2026 से शुरू हुई है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। फर्जी काल लेटर के जरिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) में चयन की कोशिश करने वाले आरोपित रोहित को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आज रविवार को धूमनगंज पुलिस ने अभियुक्त रोहित को पकड़ा। उसके कब्जे फर्जी काल लेटर, मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
रोहित ने ऐसे किया फर्जीवाड़ा
गिरफ्तार रोहित पीलीभीत जिले के शिवनगर लालापुर का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला है कि महेश नाम एक युवक का चयन भी आरपीएफ में सिपाही पद पर हुआ है। उससे इंस्टाग्राम पर रोहित की दोस्ती थी। रोहित ने उससे कॉल लेटर लिया और फिर आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआइ के माध्यम से एडिट करके अपने नाम का बनाया था।
जांच में पकड़ में आया मामला
क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र सूबेदारगंज में नवनियुक्त कांस्टेबल की ट्रेनिंग एक जुलाई 20्र26 से शुरू हुई। उत्तर रेलवे से प्राप्त सूची के आधार पर 70 कांस्टेबल का डोजियर और कागजात सत्यापन के लिए टीम बनाई गई थी। इसी बीच जांच में पता चला कि रोहित पुत्र झनकार निवासी ग्राम लालपुर, शिवनगर, पीलीभीत का कागजात कूटरचित है। फर्जी ढंग से उसने नियुक्ति का प्रयास किया।
धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज
तब प्रशिक्षण केंद्र के सहायक उपनिरीक्षक जितेेंद्र सिंह ने धूमनगंज थाने में शुक्रवार को एफआइआर दर्ज कराई। जांच के बाद रविवार को इंस्पेक्टर धूमनगंज धनंजय पांडेय, चौकी इंचार्ज राजरूपपुर जगदीश त्रिपाठी ने घेरेबंदी करके अभियुक्त रोहित को ट्रेनिंग सेंटर के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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कोर्ट में पेश कर आरोपित को भेजा जाएगा जेल
चौकी इंचार्ज ने बताया कि रोहित के दोस्त महेश का चयन आरपीएफ सिपाही पद पर हुआ था। रोहित ने साथी के सरकारी कागजात की एडिटिंग करते हुए अपना नाम और रोल नंबर लिखा। एक दिन ट्रेनिंग भी ली थी, लेकिन डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन में पकड़ा गया। अभियुक्त रोहित बीएससी की पढ़ाई की है और उसके पिता का निधन हो चुका है। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपित को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।