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    प्रयागराज-पीडीडीयू तीसरी रेलवे लाइन : मेजा में बनेगा दो लेन का ROB, ट्रेनों के 200 किमी की रफ्तार का सपना होगा साकार

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 02 Jun 2026 12:46 PM (IST)

    प्रयागराज-पीडीडीयू तीसरी रेलवे लाइन पर मेजा में दो लेन का आरओबी बनाया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति 200 किमी/घंटा तक पहुंच सकेगी। यह परियोजना क्षेत्र को ...और पढ़ें

    प्रयागराज-पीडीडीयू तीसरी रेलवे लाइन पर मेजा में दो लेन का ROB बनेगा। फोटो : जागरण आका्रइव

    प्रयागराज-पीडीडीयू तीसरी रेलवे लाइन पर मेजा में दो लेन का ROB बनेगा। फोटो : जागरण आका्रइव

    HighLights

    1.  प्रयागराज-पंडित दीनदयाल उपाध्याय रूट उत्तर मध्य रेलवे का सबसे व्यस्ततम रेल खंड है

    2. आरओबी बनने से मेजा और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम रेल खंडों में से एक, प्रयागराज-पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) मार्ग पर अब विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। इस खंड पर बिछाई जा रही तीसरी रेल लाइन परियोजना को गति देते हुए प्रयागराज के यमुनापार में मेजा तहसील के अंतर्गत लेवल क्रासिंग संख्या-18 पर एक अत्याधुनिक दो-लेन वाले रेल ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण की तैयारी पूरी कर ली गई है। रेलवे द्वारा जारी हालिया अधिसूचना के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जो इस क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

    सुपरफास्ट दौड़ेंगी ट्रेनें

    इस परियोजना के केंद्र में रेलवे की वह महत्वाकांक्षी मिशन रफ्तार योजना है, जिसके तहत प्रयागराज-पीडीडीयू रूट को तेज गति से ट्रेनों को चलाने वाले ट्रैक में बदला जा रहा है। भविष्य में इस रेल लाइन पर ट्रेनों को 160 किलोमीटर से लेकर 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाने का प्रस्ताव है। इतनी उच्च गति के साथ सुरक्षित रेल संचालन के लिए ट्रैक का 'क्रासिंग मुक्त' होना अनिवार्य है। इसी रणनीति के तहत मेजा के फाटक संख्या-18 को बंद कर वहां भव्य ओवरब्रिज बनाया जा रहा है, ताकि रेल और सड़क यातायात दोनों बिना किसी बाधा के अपनी पूरी क्षमता से चल सकें।

    क्या होंगे इस आरओबी के बड़े फायदे?

    जाम से स्थायी मुक्ति : मेजा और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को रोजाना रेलवे फाटक बंद होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता था। आरओबी बनने के बाद फाटकों के पास लगने वाले लंबे जाम का झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

    रफ्तार और सुरक्षा : हाई-स्पीड ट्रेनों के आने से प्रयागराज और पीडीडीयू के बीच की दूरी महज चंद मिनटों में पूरी की जा सकेगी। साथ ही, ओवरब्रिज होने से रेल पटरियों पर होने वाले हादसों की संभावना शून्य हो जाएगी।

    खबरें और भी

    आर्थिक विकास को गति : मेजा क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। किसानों और व्यापारियों के लिए माल की आवाजाही आसान होगी, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    तीसरी लाइन का लाभ : वर्तमान में दो लाइनों पर दबाव अधिक होने से ट्रेनें अक्सर आउटर पर खड़ी रहती हैं। तीसरी लाइन और आरओबी के समन्वय से ट्रेनों का परिचालन समयबद्ध होगा और मालगाड़ियों के लिए भी अलग से कारिडोर उपलब्ध रहेगा।

    अधिग्रहण प्रक्रिया और समय सीमा

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष रेल परियोजना के निष्पादन, अनुरक्षण और संचालन के लिए यह भूमि अनिवार्य है। सक्षम प्राधिकारी/विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी प्रयागराज द्वारा सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया गया है। प्रभावित भू-स्वामियों को अपने दावे और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए 10 दिनों का समय दिया गया है।

    बनेगा रेलवे की नई पहचान

    प्रयागराज मंडल का यह हिस्सा आने वाले समय में भारतीय रेलवे की नई पहचान बनेगा, जहां यात्रियों को हवाई सफर जैसा अनुभव पटरियों पर मिलेगा। मेजा में बनने वाला यह दो-लेन ओवरब्रिज न केवल सड़क यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि देश की प्रगति में एक नई गति भी प्रदान करेगा।

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