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    प्रयागराज से तिरुनेलवेली के बीच चलेगी नई एक्सप्रेस, 4 फेरों में तय होगा धार्मिक और मेडिकल हब का सफर

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 03:13 PM (GMT+05:30)

    रेल मंत्रालय ने प्रयागराज जंक्शन से तमिलनाडु के तिरुनेलवेली तक नई सुपरफास्ट ट्रेन की घोषणा की है। यह ट्रेन उत्तर भारत को दक्षिण के प्रमुख धार्मिक स्थल ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. प्रयागराज से तिरुनेलवेली तक नई सुपरफास्ट ट्रेन शुरू।

    2. रामेश्वरम, कन्याकुमारी, मदुरै जैसे तीर्थ स्थलों तक आसान पहुंच।

    3. वेल्लोर के चिकित्सा संस्थानों और व्यापारिक केंद्रों से जुड़ाव।

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के यात्रियों को दक्षिण भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से सीधे जोड़ने के लिए रेल मंत्रालय एक शानदार नई सौगात देने जा रहा है। प्रयागराज जंक्शन से तमिलनाडु के तिरुनेलवेली तक एक नई सुपरफास्ट/एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की जा रही है।

    यह नई रेल सेवा न केवल श्रद्धालुओं के लिए एक सुगम मार्ग तैयार करेगी, बल्कि दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों, व्यापारिक केंद्रों और विश्वप्रसिद्ध चिकित्सा संस्थानों को उत्तर भारत से सीधे कनेक्ट करेगी।

    यह ट्रेन प्रयागराज से रवाना होकर देश के प्रमुख रेल मार्गों और राज्यों को पार करते हुए तमिलनाडु के तिरुनेलवेली तक का सफर तय करेगी। अपने लंबे और महत्वपूर्ण मार्ग में यह ट्रेन महाराष्ट्र के औद्योगिक शहर नागपुर, आंध्र प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्र विजयवाड़ा, ओंगोल और नेल्लौर से होते हुए तमिलनाडु में प्रवेश करेगी। तमिलनाडु में यह काटपाडी (वेल्लोर), सेलम, डिंडीगुल और मदुरै जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव लेगी और अंततः अपने अंतिम पड़ाव तिरुनेलवेली पहुंचेगी।

    रामेश्वरम लिए आसान होगी यात्रा
    इस नई ट्रेन सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह देश के पवित्रतम तीर्थ स्थलों में शामिल रामेश्वरम और कन्याकुमारी की यात्रा को बहुत आसान और सुविधाजनक बना देगी। जो लोग भगवान राम की पावन भूमि रामेश्वरम और ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहते हैं, वे इस ट्रेन के माध्यम से बेहद सरलता से पहुंच सकते हैं। तिरुनेलवेली से रामेश्वरम की दूरी महज 220 किलोमीटर है।

    कन्याकुमारी जाने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को लाभ
    इसके अलावा, यात्री मदुरै स्टेशन पर उतरकर प्रसिद्ध मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में दिव्य दर्शन और पूजन का आनंद ले सकते हैं और वहां से अपनी आगे की यात्रा रामेश्वरम के लिए तय कर सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित विश्वप्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल 'कन्याकुमारी' पहुंचने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होगी।

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    तिरुनेलवेली से कन्याकुमारी की दूरी केवल 80 किलोमीटर है, जिसे यात्री बहुत ही कम समय में बस या स्थानीय ट्रेन से तय कर सकते हैं। एक ही यात्रा में मदुरै मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम और कन्याकुमारी जैसे प्रमुख स्थलों के दर्शन का मार्ग प्रशस्त होने से तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है।

    आंख के मरीजों को अस्पताल पहुंचने का मौका
    धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ यह ट्रेन स्वास्थ्य और चिकित्सा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। तमिलनाडु का काटपाडी (वेल्लोर) स्टेशन अपनी बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। काटपाडी के पास स्थित प्रसिद्ध 'शंकार नेत्रालय' (Sankara Nethralaya) और सीएमसी वेल्लोर जैसे विश्वस्तरीय अस्पतालों में इलाज कराने के लिए उत्तर भारत से हर महीने हजारों की संख्या में मरीज जाते हैं।

    अब तक प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को वेल्लोर जाने के लिए सीधी और सुविधाजनक ट्रेन न मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस नई ट्रेन के शुरू होने से दृष्टिदोष और आंखों की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को बिना किसी झंझट के काटपाडी तक सीधी रेल सुविधा मिल जाएगी।

    व्यापारियों को भी मिलेगा सीधा लाभ
    यह ट्रेन व्यापारियों के लिए भी खुशखबरी लायी है। इससे नागपुर के संतरा बाजार, विजयवाड़ा के व्यापारिक गलियारों और सेलम के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव के कारण इस ट्रेन से व्यापारियों, छात्रों और कामगारों को भी आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।

    रेलवे की तैयारी
    प्रयागराज से तिरुनेलवेली तक शुरू हो रही इस ट्रेन से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को एक नई दिशा मिलेगी। यात्रियों के आराम को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में आधुनिक एलएचबी कोच, वातानुकूलित और स्लीपर श्रेणी के डिब्बे शामिल किए जाएंगे।

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    कब से चलेगी ट्रेन
    संगम नगरी प्रयागराज से तमिलनाडु के तिरुनेलवेली के बीच चलने वाली इस विशेष ट्रेन 04171/04172 प्रयागराज-तिरुनेलवेली-प्रयागराज का संचालन अगस्त महीने में किया जाएगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं से चार-चार फेरे लगाएगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

    प्रयागराज से ट्रेन संख्या 04171 दिनांक एक अगस्त से 22 अगस्त 2026 तक प्रत्येक शनिवार सुबह 10:20 बजे रवाना होकर सोमवार दोपहर 1:15 बजे तिरुनेलवेली पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 04172 तिरुनेलवेली से तीन अगस्त से 24 अगस्त 2026 तक प्रत्येक सोमवार रात 11:30 बजे प्रस्थान कर गुरुवार तड़के 3:30 बजे प्रयागराज पहुंचेगी।

    19 कोच लगेंगे
    यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में कुल 19 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें नौ स्लीपर, दो थर्ड एसी, छह सामान्य (जनरल) श्रेणी और दो एसएलआरडी कोच शामिल होंगे। अपने मार्ग में यह गाड़ी मानिकपुर, सतना, कटनी, जबलपुर, इटारसी, नागपुर, विजयवाड़ा, रेणिगुंटा, काटपाडी, सेलम और मदुरै जैसे प्रमुख स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहराव करेगी। इस सेवा से श्रद्धालुओं, व्यापारियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।