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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Maha Kumbh 2025: 30 घंटे में 2.68 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने की शटल बस में फ्री यात्रा, दिनभर रही भीड़

    Updated: Tue, 14 Jan 2025 10:54 PM (IST)

    Maha Kumbh 2025 | प्रयागराज में महाकुंभ मेला के दौरान 30 घंटे में 2.68 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शटल बस से यात्रा की। मंगलवार को दिनभर में 1.5 लाख लो ...और पढ़ें

    महाकुंभ मेला में 30 घंटे में 2.68 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की शटल बस से यात्रा। (तस्वीर जागरण)
    महाकुंभ मेला में 30 घंटे में 2.68 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की शटल बस से यात्रा। (तस्वीर जागरण)

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। मकर संक्रांति के पहले से यात्रियों का आने का जो क्रम शुरू हुआ तो वह मंगलवार देर शाम तक जारी रहा। 30 घंटे में 2.68 लाख यात्रियों ने यात्रा की। मंगलवार को दिनभर में 1.5 लाख लोगों को बस सुविधा का लाभ मिला।

    रोडवेज बसों ने प्रदेश के अलग-अलग शहरों से 74 हजार यात्रियों को प्रयागराज के छह अस्थायी बस अड्डे तक पहुंचाया। शटल बसों ने 14 रूटों के श्रद्धालुओं को निश्शुल्क यात्रा कराई और हिंदू हॉस्टल, लेप्रोसी चौराहा और अंदावा तक की राह आसान की।

    श्रद्धालुओं ने 10 से 15 किमी. पैदल यात्रा की

    हालांकि, इसके बाद की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए थोड़ा कठिन रही। 10 से 15 किमी की यात्रा पैदल ही यात्रियों ने पूरी की। जिन यात्रियों के पास सामान था, उनके लिए परेशानी ज्यादा रही। पहिया वाले ट्रॉली बैग को लेकर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पैदल ही महाकुंभ क्षेत्र में पहुंचे और उनकी वापसी भी उसी तरह हुई।

    छोटे बच्चे, महिलाएं व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशान होना पड़ा। भीड़ बढ़ने पर नवाब युसूफ रोड पर पानी की टंकी और फायर बिग्रेड चौराहे पर रोड ब्लॉक कर दिया गया। इससे इस ओर वाहनों का आवागमन भी नहीं हो रहा था।

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    यात्रियों ने एक्स पर भी शिकायत दर्ज कराई

    बसें भी उपलब्ध न होने से लोगों को लगातार पैदल ही चलना पड़ा। संगम की ओर से वापसी में हिंदू हॉस्टल के पास बसें न मिल पाने से समस्या और बढ़ गई थी। यात्रियों ने एक्स पर अपनी शिकायत भी दर्ज कराई। इसमें लिखा कि गंतव्य स्थल से पहले ही बसों को भीड़ बढ़ने व यातायात नियम का कारण बताकर रोक दिया जा रहा था।

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    श्रद्धालुओं के लिए बनाया गया अस्थायी अस्पताल

    बता दें कि संगम स्नान के लिए आए लोगों में 10 हजार से अधिक पर सुबह के ठंडे मौसम का प्रहार हुआ। अलग-अलग स्थानों पर चार तीर्थ यात्री इसे सहन नहीं कर सके और उनकी जान चली गई। आपातकाल की स्थिति को देखते हुए महाकुंभ में अस्थायी अस्पताल बनाया गया है।

    इस अस्थायी अस्पताल में कुल 100 बेड लगाए गए हैं। 10 आईसीयू की सुविधा है। मेजर, माइनर सर्जरी और पैथोलॉजी की सुविधा भी है। 50 तरह की जांच की सुविधा है, जो पूरी तरह से मुफ्त रहेगी।