PM Kisan Samman Nidhi : पांच माह में पीएम किसान सम्मान निधि के प्रयागराज में 89 हजार आवेदन निरस्त, क्या है कारण?
PM Kisan Samman Nidhi प्रयागराज में पीएम किसान सम्मान निधि के 89 हजार आवेदन पांच माह में निरस्त कर दिए ...और पढ़ें

PM Kisan Samman Nidhi खामियों के कारण प्रयागराज के हजारोंआवेदन निरस्त कर दिए गए।
HighLights
दस्तावेज पूरे नहीं लगाए तो किसी ने 10 से 20 बार भर दिया आनलाइन फार्म
तहसील और जनपद स्तर पर सत्यापन के दौरान अफसरों ने पकड़ी कमियां
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। PM Kisan Samman Nidhi यमुनापार में कोरांव के रहने वाले दशरथ लाल ने पीएम किसान सम्मान निधि के लिए फार्म भरा लेकिन उनका आवेदन निरस्त हो गया। ऐसा इसलिए क्योंकि खतौनी में उनका नाम केवल दशरथ दर्ज है, जबकि आधार में दशरथ लाल लिखा है। सत्यापन के दौरान करछना इलाके के एक किसान का करीब 20 बार आवेदन मिला। इन्हें निरस्त कर दिया गया। इसी तरह की खामियों के कारण पांच महीने में करीब 89 हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए।
इस समय पीएम किसान सम्मान निधि के करीब 5.82 लाख लाभार्थी हैं। वहीं लगातार इसके ऑनलाइन आवेदन होते रहते हैं। पहले तहसील और फिर जनपद स्तर पर इनका सत्यापन होता है। सब कुछ ठीक मिलने पर किसान का नाम पात्रों की सूची में शामिल कर दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई तक 2,08,046 आवेदन आए। इनमें से 89345 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
PM Kisan Samman Nidhi ऑनलाइन फार्म भरते समय किसी ने खतौनी तो किसी ने आधार कार्ड नहीं लगाई थी। कई किसानों के दस्तावेजों में दर्ज नामों में अंतर था। जल्दी लाभ पाने की लालसा में कई किसानों ने 15 से 20 बार आवेदन कर दिया था। जनपद व तहसील स्तर पर सत्यापन के दौरान इस तरह की गड़बड़ी पकड़ी गईं और आवेदन दर कर दिए गए। 76,850 आवेदन तहसील स्तर तो 12495 आवेदन जनपद स्तर पर निरस्त किए गए।
वरासत में जमीन पाने वाले किसानों को आवेदन के साथ वरासत करने वाले का मृत्यु प्रमाण पत्र भी लगाना है, लेकिन किसानों ने यह दस्तावेज नहीं लगाए। नतीजा, आवेदन निरस्त हो गए। अधिकारियों का कहना है कि निरस्त हुए 90 फीसदी आवेदनों में यही कमी थी।
PM Kisan Samman Nidhi उप निदेशक कृषि पवन कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि कमियां मिलने पर आवेदन निरस्त किए गए हैं। किसानों से अपील है कि आवेदन करते समय सभी दस्तावेज जरूर लगाएं। कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो ब्लाकों के बीज भंडार या कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क कर लें।
