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    प्रयागराज से जाते-जाते दो एसडीएम ने भ्रष्टाचार पर किया करारा प्रहार, ट्रांसफर से पहले बारा और मेजा में बड़ी कार्रवाई

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 16 Jul 2026 05:39 PM (IST)

    प्रयागराज में दो एसडीएम ने अपने स्थानांतरण से ठीक पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। बारा में कानूनगो-लेखपाल के खिलाफ और मेजा में फर्जी आय प्र ...और पढ़ें

    प्रयागराज में स्थानांतरण से पहले बारा और मेजा के एसडीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।

    प्रयागराज में स्थानांतरण से पहले बारा और मेजा के एसडीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।

    HighLights

    1. बारा में बिना किसी निर्देश पर कब्जा हटाने पर कानूनगो-लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट

    2. मेजा में फर्जी आय प्रमाण की तहसीलदार व बीईओ की जांच रिपोर्ट पर की कार्यवाही

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। स्थानांतरण के ठीक पहले दो एसडीएम यानी उप जिलाधिकारियों ने भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार कर दिया। पहला मामला बारा तहसील का है जहां कानूनगो और लेखपाल के खिलाफ एसडीएम ने तबादला के पहले कार्रवाई की संस्तुति कर दिया। दूसरा मामला मेजा तहसील क्षेत्र का है, जहां फर्जी आय प्रमाण पत्र मामले में तहसीलदार व बीईओ की जांच रिपोर्ट पर एसडीएम ने कार्रवाई की।

    राजस्व निरीक्षक-लेखपाल ने निर्माण ध्वस्त कराया था 

    बारा तहसील के बेनीपुर गांव में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक विजयकांत पांडेय व हल्का लेखपाल आलोक रंजन द्वारा सरकारी भूमि से बिना किसी विधिक प्रक्रिया का अनुपालन किए स्थायी निर्माण को ध्वस्त करा दिया गया। प्रकरण के संबंध में राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने बताया कि रास्ते की भूमि पर हुए स्थायी निर्माण उनके द्वारा नौ जुलाई को हटवाया गया। जबकि तहसीलदार न्यायालय से बेदखली प्रपत्र जारी नहीं किया गया। यही नहीं कानूनगो व लेखपाल को इस कार्रवाई के लिए कोई नोटिस अथवा निर्देश नहीं दिया गया था।

    एसडीएम के निर्देश पर भी नहीं की थी कार्रवाई 

    इसी प्रकार शिवराजपुर गांव में बंजर भूमि पर हल्का लेखपाल आलोक रंजन द्वारा पक्का मकान बनवाकर अवैध कब्जा करवाए जाने की शिकायत पर लेखपाल आलोक रंजन व कानूनगो विजय कांत पांडेय कार्रवाई के लिए एसडीएम की ओर से निर्देश दिए गए लेकिन लेखपाल व कानूनगो ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    दोनों मामलों में संदिग्ध संलिप्तता एसडीएम को मिली 

    एसडीएम डॉ. गणेश कुमार कनौजिया की ओर से मुख्य राजस्व अधिकारी को कार्रवाई के लिए संस्तुति रिपोर्ट में कहा गया है कि लेखपाल व कानूनगो की दोनों मामलों में संदिग्ध संलिप्तता पाई गई है। इसलिए दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इस प्रकरण में नायब तहसीलदार को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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    मेजा में कम वार्षिक आय का बनवाया प्रमाणपत्र 

    दूसरी ओर मेजा तहसील के गुलालपुर, सुजनी, खूटा गांव निवासी मुलायम सिंह तथा मेजा के पचौहा गांव की कल्याणी देवी ने डीएम मनीष कुमार वर्मा से मिलकर शिकायत किया कि गांव कंचन यादव के पति प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं जिनकी वार्षिक आय 1.10 लाख रुपये के करीब है मगर उन्होंने पत्नी को आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति के लिए अपनी वार्षिक आय 42 हजार रुपये का फर्जी आय प्रमाणपत्र बनवा लिया।

    एसडीएम ने की कार्रवाई 

    एसडीएम मेजा नीलम उपाध्याय ने तहसीलदार व बीईओ से जांच कराकर फर्जी आय प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। उप जिलाधिकारी गणेश प्रसाद और नीलम उपाध्याय का तीन दिन पहले ही प्रयागराज से गैर जनपद तबादला हो गया है।

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