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    10 फीट गहरे गड्ढे में गिरा 3 वर्षीय मासूम, लोगों की काफी देर तक अटकी रही सांसें; जुगत लगाकर बचाई जान

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 29 May 2026 03:46 PM (GMT+05:30)

    प्रयागराज के नवाबगंज में 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरे तीन वर्षीय मासूम श्रेयांश को पुलिस और ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला। जेसीबी की मदद से गड्ढे के ...और पढ़ें

    प्रयागराज के नवाबगंज में 10 फुट गहरे गड्ढे में गिरा मासूम को बाहर निकालने की कवायद करते लोग व पुलिस। जागरण

    प्रयागराज के नवाबगंज में 10 फुट गहरे गड्ढे में गिरा मासूम को बाहर निकालने की कवायद करते लोग व पुलिस। जागरण

    HighLights

    1. बैकहो लोडर (जेसीबी) से गड्ढे के बगल खुदाई कर रास्ता बनाया 

    2. पुलिस और ग्रामीणों की सूझबूझ से बची मासूम बच्चे की जान

    3. प्रयागराज में नवाबगंज क्षेत्र की घटना, पिलर को खोदा था गड्ढा

    संसू, जागरण, शृंगवेरपुर धाम (प्रयागराज)। जाको राखे साइयां मार सके न कोउ...कहावत एक बार फिर चरितार्थ हुई। 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरा मासूम सुरक्षित बचा लिया गया। घटना गंगापार में नवाबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उल्दा में 28 मई की देर शाम की है। अपने जिगर के टुकड़े को सही सलामत देख मां की आंखों में आंसू आ गए।

    मशक्कत के बाद सकुशल मासूम

    तीन वर्षीय मासूम निर्माणाधीन मकान के पिलर के लिए खोदे गए लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया। यह जानकारी होने पर वहां अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गयज्ञ। काफी देर तक बालक के घर न लौटने पर स्वजन परेशान हो उठे। बाद में ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासक  प्रतिनिधि की तत्परता से मासूम को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।

    खेलते-खेलते गड्ढे में गिर गया मासूम  

    ग्राम पंचायत उल्दा निवासी सुनील कुमार का तीन वर्षीय पुत्र श्रेयांश गुरुवार शाम घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह घर से करीब तीन सौ मीटर दूर स्थित एक निर्माणाधीन मकान के पास पहुंच गया। वहां पिलर निर्माण के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें वह अचानक गिर गया। शाम होने के कारण आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।

    मां ने सुनी गड्ढे में बच्चे के रोने की आवाज 

    कुछ देर बाद जब श्रेयांश घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां राधा देवी चिंतित हो उठी। उसने घर और आसपास बच्चे की तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए वह निर्माणाधीन मकान के पास पहुंची, जहां गड्ढे से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह सुनते ही शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासक प्रतिनिधि पंकज सिंह को घटना की सूचना दी। साथ ही डायल 112 और नवाबगंज पुलिस को भी अवगत कराया गया।

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    गड्ढे के बगल खुदाई कर बनाया गया रास्ता 

    कुछ ही देर में वहां पुलिस टीम पहुंच गई। गड्ढे में गिरे बालक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैकहो लोडर यानी जेसीबी की मदद से गड्ढे के बगल से खुदाई कर रास्ता बनाया गया। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों ने श्रेयांश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मासूम के सकुशल बाहर निकलते ही उसकी मां राधा देवी भावुक हो उठीं। बेटे को सुरक्षित देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

    निर्माणाधीन स्थल की सुरक्षा का हो पर्याप्त इंतजाम 

    ग्रामीणों ने निर्माणाधीन स्थल पर सुरक्षा का पर्याप्त इंतजाम नहीं होने पर चिंता जताई। उनका कहना था कि खुले गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

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