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    प्रयागराज के आठ हजार भवन स्वामी असमंजस में, अपना निवास स्थान नगर निगम के अभिलेख में खोजते रह जाएंगे

    By Digital Desk Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Fri, 10 Apr 2026 05:02 PM (IST)

    प्रयागराज में नगर निगम द्वारा जारी किए गए आठ हजार मकानों का मूल्यांकन और गृहकर निर्धारण नहीं किया गया है। इन मकानों के स्वामी अपने निवास स्थान को निगम ...और पढ़ें

    प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।

    प्रयागराज नगर निगम की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. नगर निगम ने मकान नंबर जारी कर दिया, न मूल्यांकन किया और न ही गृहकर का निर्धारित

    2. ऐसे मकानों को अब गृहकर के दायरे में लाने की कवायद नगर निगम ने शुरू कर दी है

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नगर निगम की ओर से आठ हजार मकानों का नंबर तो जारी कर दिया गया। हालांकि आज तक इन मकानों का न मूल्यांकन किया गया और न ही गृहकर के रूप में एक रुपये वसूला गया। जरूरत पड़ जाए तो यह भवन स्वामी अपना निवास स्थान निगम के अभिलेखों में खोजते रह जाएंगे लेकिन उन्हें मिल नहीं पाएगा।

    जांच के बाद ही पता चलेगी सच्चाई 

    आरोप तो यहां तक है कि निगम के कुछ कर्मियों की ओर से सुविधा शुल्क लेकर मकानों का नंबर तो जारी कर दिया जाता है। हालांकि कर निर्धारण के लिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जाती। अब वास्तविकता क्या है यह जांच के बाद ही पता चलेगी।

    15 अप्रैल से सर्वे कराया जाएगा

    फिलहाल नगर निगम ने इन मकानों को अब गृहकर के दायरे में लाने की कवायद शुरू कर दी गई है। 15 अप्रैल के बाद इन मकानों का जोन वार सर्वे करके गृहकर का निर्धारण किया जाएगा। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन मकानों का मूल्यांकन होने से दो से तीन करोड़ रुपये राजस्व में वृद्धि हो जाएगी।

    खास-खास 

    100 वार्ड प्रयागराज में 
    3 लाख भवन संपत्तियां
    8 हजार भवनों का होगा मूल्यांकन

    जोन कर अधीक्षकों को निर्देश

    शहरी सीमा का विस्तार होने से नगर निगम में 2.36 हजार से बढ़कर तीन लाख से अधिक भवन संपत्तियां हो गई है। शहर के पुराने 80 वार्डों में आज भी आठ हजार भवन संपत्तियां ऐसी हैं, जिनका विवरण नगर निगम के अभिलेखों में आज भी नहीं है। ऐसी भवन संपत्तियाें को अब चिह्नित करके उन्हें गृहकर के दायरे में लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यकर निर्धारण अधिकारी ने सभी जोन के कर अधीक्षकों को इन भवनों का वार्षिक मूल्यांकन करके कर निर्धारित करने का निर्देश दिया है।

    खबरें और भी

    1650 भवन स्वामी से महज 100-100 रुपये गृहकर

    बिजली,पानी,सड़क सहित अन्य दैनिक जीवन के उपयोग में आने वाली वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। हालांकि 1650 ऐसी भवन संपत्तियां हैं, जिनसे निगम को प्रति वर्ष 100-100 रुपये ही गृहकर मिलता है। इन भवनों का वार्षिक मूल्यांकन महज एक हजार रुपये ही किया गया है। नगर निगम इन मकानों का सत्यापन करके नए सिरे से कर का निर्धारण करने पर विचार कर रहा है।

    क्या कहते हैं नगर निगम के अधिकारी?

    नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी संजय ममगई का कहना है कि शहर में आठ हजार से अधिक मकान ऐसे हैं जो आज तक गृहकर के दायरे में नहीं आए हैं। इन मकानों का नए सिरे से मूल्यांकन करके कर निर्धारण किया जाएगा। इन मकानों से निगम को दो से ढाई करोड़ रुपये वार्षिक आय होगी। लंबे समय से किस लिए इन मकानों का कर निर्धारण नहीं किया गया जरूरत पड़ने पर इसकी जांच कराई जाएगी।

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